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    Corona Virus लॉकडाउन से पटना के मंदिरों की आमदनी भी लॉक, हो रहा करोड़ों का नुकसान

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    Updated: Tue, 28 Apr 2020 12:29 PM (IST)

    कोरोना ने मंदिरों की अर्थव्यवस्था पर भी हमला किया है। देश के गिने-चुने मंदिरों में पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर को एक महीने में दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

    Corona Virus लॉकडाउन से पटना के मंदिरों की आमदनी भी लॉक, हो रहा करोड़ों का नुकसान

    प्रभात रंजन, पटना। कोरोना ने मंदिरों की अर्थव्यवस्था पर भी हमला किया है। लॉकडाउन के कारण कपाट बंद होने से मंदिरों में सन्नाटा है। चढ़ावे के रूप में होने वाली आमदनी शून्य है। देश के गिने-चुने मंदिरों में पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर को एक महीने में दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। यह आमदनी मंदिर प्रबंधन को प्रसाद के रूप में नैवेद्यम की बिक्री और चढ़ावा से होती है। कई अन्य मंदिरों को भी लाखों का नुकसान हो रहा है, पुजारियों और कर्मचारियों का वेतन निकलना मुश्किल है।

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    चढ़ावे से सामाजिक कार्य

    पटना के 300 साल पुराने महावीर मंदिर की आय से ट्रस्ट चलता है। महावीर मंदिर ट्रस्ट के सचिव पूर्व आइपीएस आचार्य किशोर कुणाल के अनुसार सबसे अधिक नुकसान नैवेद्यम प्रसाद की बिक्री बंद होने से है। ट्रस्ट महावीर कैंसर संस्थान, महावीर वात्सल्य अस्पताल, महावीर आरोग्य संस्थान एवं महावीर नेत्रालय आदि का संचालन करता है। अभी बैंक में जमा पूंजी से काम चल रहा है। संकट की स्थिति में भी मंदिर प्रबंधन ने कोरोना से बचाव के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में एक करोड़ रुपये दिए। वहीं अयोध्या में राम मंदिर के लिए दो करोड़ रुपये दिए गए।

    सबसे पुराने जल्ला हनुमान मंदिर के अध्यक्ष अमर अग्रवाल कहते हैं कि मंदिर चार सौ साल पुराना है। 25 स्टॉफ हैं। तीन लाख की आमदनी होती थी। बचे पैसे से काम निकाला जा रहा है। बैंक रोड स्थित दादीजी मंदिर में प्रतिमाह तीन लाख की आमदनी प्रभावित है। पटना के इस्कॉन मंदिर में कर्मचारियों पर प्रतिमाह पाच लाख खर्च होते हैं। आमदनी नगण्य है।

    बढ़ेंगी मुश्किलें

    दूसरे प्रमुख मंदिरों में बड़ी पटनदेवी के प्रधान पुजारी विजय शंकर गिरी ने कहा कि महीने में डेढ़ लाख रुपये आते थे। जमा पैसे से वेतन दिया जा रहा है। छोटी पटनदेवी मंदिर के पुजारी बाबा विवेक द्विवेदी के मुताबिक मंदिर की गोशाला संकट में है।

    तख्त हरिमंदिर जी पटना साहिब को 25 लाख का नुकसान

    सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह की जन्मस्थली तख्त हरिमंदिर प्रबंधक समिति के सचिव सरदार महेंद्र सिंह छाबड़ा ने बताया कि 25 लाख रुपये प्रतिमाह चढ़ावा आता था। आगे वेतन का संकट है। जैन श्रद्धालुओं के लिए मीठापुर और कदमकुआ जैन मंदिर से जुड़े मुनीश जैन की मानें तो पाच लाख रुपये की आमदनी होती रही है जो शून्य है।