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    Bihar Politics: 'तेजस्वी यादव तो लालू की सलाह भी नहीं मानते', नीतीश कुमार के बेहद करीबी ने बताई अंदर की बात

    राजद नेता तेजस्वी यादव के कार्यकर्ताओं को टोपी पहनने की सलाह पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। जदयू भाजपा और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के नेताओं ने कहा कि राजद की छवि बदलने से पार्टी का मूल चरित्र नहीं बदलेगा। उन्होंने कहा कि राजद के कार्यकर्ता आदतन कानून तोड़क हैं और आम लोगों के बीच आतंक पैदा करने के लिए जाने जाते हैं।

    By Arun Ashesh Edited By: Rajat Mourya Updated: Thu, 05 Sep 2024 08:20 PM (IST)
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    राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव। फाइल फोटो

    राज्य ब्यूरो, पटना। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की सलाह पर राजद कार्यकर्ताओं ने कंधे से हरा गमछा उतार कर सिर पर टोपी रखी भी नहीं है कि राजग के घटक दलों के नेता टोपी उछालने पर उतर आए हैं। जदयू के मुख्य प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने कहा- नेचर और सिग्नेचर नहीं बदलता है। राजद के नेता कंधे पर गमझा रखें या सिर पर टोपी, लोगों को आतंकित करने की उनकी आदत नहीं बदल सकती है।

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    उन्होंने कहा कि राजद को अहसास हो गया है कि राज्य के लोग पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद की दूसरी पीढ़ी को भी पसंद नहीं कर रहे हैं, इसलिए तेजस्वी अपना और पार्टी का चोला बदलकर जनता को गुमराह करना चाहते हैं।

    'तेजस्वी यादव तो लालू की भी सलाह नहीं मानते'

    नीरज ने कहा कि गमछा के बारे में तेजस्वी का निर्णय बताता है कि वह लालू प्रसाद की सलाह नहीं मानते हैं, क्योंकि 2021 में लालू प्रसाद ने राजद कार्यकर्ताओं से कहा था कि कंधे पर हरा गमछा रखो। यही तुम्हारी पहचान है।

    भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह ने कहा कि राजद कार्यकर्ताओं को गमछा बदलने की जरूरत नहीं है। राज्य के लोग उनके अतीत और लूटपाट की आदत से परेशान हैं।

    'आतंक पैदा करने के लिए राजद का नाम ही काफी'

    उन्होंने कहा कि आम लोगों के बीच आतंक पैदा करने के लिए राजद का नाम ही काफी है। इस पार्टी के कार्यकर्ता आदतन कानून तोड़क हैं। राज्य के जिन लोगों को राजद के 15 साल का शासन याद है, वे भूल कर भी उस दल के शासन की वापसी नहीं चाहेंगे।

    हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण ने कहा कि यह बाघ का कंगन और राहगीर वाला किस्सा है। कथा में लोगों ने संतों को कई रूपों में देखा है। आज लालू परिवार भी भेष बदल कर जनता को गुमराह करने का खेल खेल रहा है।उसके मूल चरित्र में बदलाव नहीं आने वाला है।