Bihar Politics: 'कितने फॉर्म बिना दस्तावेजों के अपलोड...', तेजस्वी यादव का चुनाव आयोग पर धांधली का आरोप
पटना में तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर धांधली का आरोप लगाया है। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-2025 पर सवाल उठाते हुए कहा कि दस्तावेजों में लचीलापन लाने के बावजूद कोई संशोधित अधिसूचना जारी नहीं की गई है। तेजस्वी ने यह भी पूछा कि कितने फॉर्म बिना दस्तावेजों के अपलोड किए गए।

डिजिटल डेस्क, पटना। चुनाव आयोग बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2025 के लिए सत्यापन कर रहा है। बिहार सरकार में विपक्षी दल के नेता तेजस्वी यादव का इस पर विरोध जारी है। तेजस्वी यादव ने रविवार को चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दस्तावेजों में लचीलापन लाने की सुप्रीम कोर्ट की सलाह के बावजूद चुनाव आयोग ने कोई औपचारिक संशोधित अधिसूचना जारी नहीं की है। चुनाव आयोग ने यह भी नहीं बताया है कि कितने फॉर्म बिना दस्तावेजों के या मतदाता की प्रत्यक्ष भागीदारी के बिना अपलोड किए गए हैं?
#WATCH पटना: RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा, "...सुप्रीम द्वारा दस्तावेजों में लचीलापन लाने की सलाह के बावजूद निर्वाचन आयोग ने कोई औपचारिक संशोधित अधिसूचना जारी नहीं की है... चुनाव आयोग ने ये नहीं बताया कि कितने प्रपत्र बिना दस्तावेज या बिना के मतदाता के प्रत्यक्ष भागीदारी के अपलोड… pic.twitter.com/dLKH2yeIRQ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 13, 2025
उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग फर्जी अपलोडिंग की संभावना पर चुप है। चुनाव आयोग की ओर से राजनीतिक दलों की भागीदारी का ज़िक्र तो किया गया है, लेकिन यह नहीं बताया गया है कि क्या बीएलए को वास्तविक निरीक्षण की भूमिका दी गई है या सिर्फ़ उपस्थिति की जानकारी दर्ज की जा रही है।
तेजस्वी ने कहा कि कई जिलों में विपक्षी दलों के बीएलए को सूचित नहीं किया गया और उन्हें इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने से रोका गया। बीएलओ और ईआरओ पर 50% से अधिक अपलोडिंग लक्ष्य थोपे जाने की कई खबरें आई हैं।
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