Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    तेजस्वी ने निर्वाचन आयोग को बताया "गोदी आयोग", लगाया भ्रमित करने का आरोप

    Updated: Thu, 10 Jul 2025 06:46 PM (IST)

    तेजस्वी ने एसआइआर के लिए मान्य दस्तावेजों में आधार-कार्ड राशन-कार्ड और मनरेगा जाब-कार्ड को सम्मिलित नहीं करने का कारण पूछा था। आखिर मुख्य निर्वाचन आयुक्त प्रेस-वार्ता कर सब कुछ स्पष्ट क्यों नहीं करते। भ्रम क्यों पैदा किया जा रहा। विपक्ष का प्रश्न है कि नागरिकता का प्रमाण क्यों मांगा जा रहा।

    Hero Image
    तेजस्वी ने निर्वाचन आयोग को बताया "गोदी आयोग", लगाया भ्रमित करने का आरोप जागरण अर्काइव

    राज्य ब्यूरो,पटना। तेजस्वी यादव ने एक बार फिर निर्वाचन आयोग पर अंगुली खड़ी की। गुरुवार को उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग वस्तुत: भाजपा के पार्टी सेल की तरह काम कर रहा। कई बार पूछे जाने के बाद भी उसने मतदाता-सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के संदर्भ में स्पष्टीकरण जारी नहीं किया।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    तेजस्वी ने एसआइआर के लिए मान्य दस्तावेजों में आधार-कार्ड, राशन-कार्ड और मनरेगा जाब-कार्ड को सम्मिलित नहीं करने का कारण पूछा था। आखिर मुख्य निर्वाचन आयुक्त प्रेस-वार्ता कर सब कुछ स्पष्ट क्यों नहीं करते। भ्रम क्यों पैदा किया जा रहा।

    निर्वाचन आयोग को क्या अहंकार है। मीडिया से तेजस्वी ने कहा कि हमने अपना पक्ष रख दिया है, अब देखते हैं कि सर्वाेच्च न्यायालय मेंं क्या होता है। उन्होंने निर्वाचन आयोग को "गोदी आयोग" करार दिया और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन पर इस संवैधानिक संस्था का उपयोग कर बिहार के गरीब लोगों का नाम मतदाता-सूची से हटाने का आरोप लगाया।

    राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद का कहना है कि सर्वाेच्च न्यायालय ने निर्वाचन आयोग से जो प्रश्न किया है, उसकी चिंता तेजस्वी यादव पहले ही जता चुके हैं। आधार-कार्ड, राशन-कार्ड, वोटर आइ-कार्ड और मनरेगा जाब-कार्ड को एसआइआर में क्यों मान्य नहीं। विपक्ष का प्रश्न है कि नागरिकता का प्रमाण क्यों मांगा जा रहा।

    सर्वोच्च न्यायालय ने भी स्पष्ट रूप से कहा कि किसी की नागरिकता पर प्रश्न खड़ा करना निर्वाचन आयोग का काम नहीं। न्यायिक प्रक्रियाओं का अनुपालन करते हुए यह काम गृह मंत्रालय का है।