जागरण टीम, पटना। आरआरबी की गैर एनटीपीसी परीक्षा के रिजल्ट को लेकर चल रहे प्रदर्शन के मामले में पटना के पत्रकार नगर थाने में कोचिंग संचालक खान सर समेत प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने वाले छह शिक्षकों पर बुधवार को मुकदमा दर्ज किया गया। भड़काऊ भाषण एवं छात्रों को उकसाने के आरोप में खान सर के साथ ही एसके झा, नवीन, अमरनाथ, गगन प्रताप और गोपाल वर्मा समेत बाजार समिति के कई कोचिंग संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। मंगलवार को राजधानी के राजेंद्र नगर टर्मिनल पर हंगामा करते पकड़े गए छात्रों के पटना डीएम डा. चंद्रशेखर सिंह और एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो के सामने दिए बयान पर जीआरपी और आरपीएफ में भी प्राथमिकी दर्ज हुई है। इसमें अज्ञात 300 से अधिक के खिलाफ भी एफआइआर दर्ज की गई है।  

हालांकि बुधवार की शाम ही खान सर ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि मंगलवार की रात से वह पटना में उग्र छात्रों को समझाने में लगे हैं। राजधानी में छात्रों का प्रदर्शन बंद हो गया है। उन्होंने कहा कि गया और जहानाबाद में छात्रों का विरोध जारी रहा, यह बिल्कुल गलत है। खान सर ने कहा कि जहां-जहां छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं वहां के शिक्षकों को समझाना चाहिए। पटना से हर स्टूडेंट्स को कंट्रोल करना संभव नहीं है।

पूरी तरह से आरआरबी की है गलती

इस दौरान खान सर ने कहा कि कहीं न कहीं पूरी गलती आरआरबी की है। एनटीपीसी के छात्र अपने लिए कुछ बेहतर होने का इंतजार ही कर रहे थे कि 40 घंटे पहले ग्रुप डी के छात्रों के लिए डबल एग्जाम देने का फरमान जारी कर दिया। इस वजह से करीब डेढ़ करोड़ छात्र अचानक प्रदर्शन के लिए निकल गए। खान सर ने कहा कि मामला आगे नहीं बढ़ता अगर छात्रों का कोई नेतृत्व करने वाला होता। इस प्रदर्शन में छात्रों का कोई लीडर नहीं था, लिहाजा स्टूडेंट्स की मांग पहले ही मान लेनी चाहिए। 

Edited By: Akshay Pandey