यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: 'खुद को शेर का बेटा कहते हैं... तो माफी क्यों मांगी?', तेजस्वी यादव पर सुशील मोदी ने किया कटाक्ष
बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर कटाक्ष किया है। सुशील मोदी ने कहा ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, पटना। Sushil Modi On Tejashwi Yadav राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी ने पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर कटाक्ष करते हुए मंगलवार को बयान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि यदि तेजस्वी अपने को शेर का बेटा बताते हैं, तो गुजरातियों को ठग बताने वाली अमर्यादित टिप्पणी के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर माफी क्यों मांग ली?
मोदी ने कहा कि विधानसभा की सदस्यता समाप्त होने के डर से तेजस्वी यादव ने भी राहुल गांधी की तरह लिखित क्षमा याचना कर अपनी गर्दन बचा ली। यदि वे लालू प्रसाद के पुत्र होने का दंभ भरते हैं और बड़बोले बयान देते हैं, तो झुकने की बजाय अपनी बात पर अड़े रहते और कोर्ट के फैसले का सामना करते।
'राहुल गांधी ने भी चौकीदार चोर है कहा था'
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री को "चौकीदार चोर है" कहा था और उन्हें भी सुप्रीम कोर्ट में माफी मांगनी पड़ी थी। मोदी ने कहा कि तेजस्वी यादव के उपमुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भी 5, देश रत्न मार्ग वाला सरकारी बंगला खाली न करने पर उन्हें सुप्रीम कोर्ट की फटकार सुननी पड़ी थी और 50 हजार रुपये का जुर्माना भी भरना पड़ा था।
उन्होंने कहा कि गैर जिम्मेदाराना बयान देने और फिर कोर्ट में माफी मांग कर सजा से बच निकलने की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश कैसे लगे, इस पर देश की शीर्ष न्यायपालिका को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
ज्ञान फार्मूले पर बिहार करेगा प्रगति- मनोज शर्मा
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनोज शर्मा ने मंगलवार को जारी बयान में कहा है कि केंद्र सरकार का अंतरिम बजट भले छोटा हो लेकिन, यह बिहार जैसे राज्यों के लिए बड़ा है। इस बजट में बिहार जैसे विकासशील राज्यों के लिए सब समाहित किया गया है। ये बजट जीवाईएएन (ज्ञान) फार्मूले पर आधारित है। जी-गरीब, वाई- युवा, ए- अन्नदाता एवं एन - नारी।
उन्होंने कहा कि गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को केंद्र में रख कर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बजट को बनाया है। इससे बिहार को भरपूर फायदा मिलेगा। इस बार केंद्रीय करों में हिस्से के रूप में बिहार को इस वर्ष 1 लाख 2737 करोड़ की जगह 1 लाख 11 हजार करोड़ ज्यादा मिलेगा यानी की 8500 करोड रुपए अधिक मिलेंगे।
