यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar News: नीतीश कुमार के साथ खेल हो रहा...लिट्टी चोखा खाकर तेजस्वी ने चुप्पी साध ली; लालू परिवार पर भड़के सुशील मोदी
Bihar News इंडी गठबंधन की बैठक के बाद बिहार में नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। इसी क्रम ...और पढ़ें

HighLights
- भाजपा नेता सुशील मोदी ने तेजस्वी यादव पर जोरदार निशाना साधा है।
- सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार के साथ खेला हो रहा है।
डिजिटल डेस्क, पटना। Sushil Modi on Nitish Kumar: दिल्ली में हुई इंडी गठबंधन की बैठक के बाद से ही बिहार की राजनीति तेज हो गई है। भाजपा के नेता जहां इस गठबंधन को अस्थायी गठबंधन बता रहे हैं वहीं राजद-कांग्रेस के नेता लोकसभा चुनाव के लिए इसे संजीवनी बता रहे हैं। हालांकि, भाजपा नेता नीतीश कुमार पर भी जोरदार हमला बोल रहे हैं।
नीतीश कुमार के साथ खेला कर रही आरजेडी: सुशील मोदी
इसी क्रम में सुशील मोदी (Sushil Modi) ने तेजस्वी यादव के बहाने नीतीश कुमार पर भी तंज कसा है। सुशील मोदी ने कहा कि तेजस्वी यादव दिल्ली में इंडी गठबंधन की बैठक में लिट्टी चोखा खाने गए थे लेकिन नीतीश कुमार को संयोजक बनाने के नाम पर चुप्पी साध ली।
सुशील मोदी ने कहा कि जब ममता बनर्जी और केजरीवाल ने मल्लिकार्जुन खरगे का नाम प्रस्तावित किया तो तेजस्वी ने चुप्पी साध ली। एक शब्द भी उनके मुंह से नीतीश कुमार के लिए नहीं निकला।
उन्होंने कहा कि राजद नीतीश कुमार के साथ खेला कर रही है। नीतीश कुमार भी भ्रम में जी रहे हैं कि राजद उनका नाम पीएम उम्मीदवार के लिए आगे रखेगी। राजद कभी भी नीतीश कुमार का नाम आगे नहीं रखेगी।
नीतीश कुमार को माया मिली न राम: सुशील मोदी
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) भाजपा छोड़कर राजद में इसलिए गए थे कि उन्हें प्रधानमंत्री बनाने के लिए समर्थन मिलेगा। लेकिन उनका हाल 'न माया मिली न राम' वाली हो गई।
वहीं तेजस्वी यादव पर आगे निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि तेजस्वी को भाजपा की बजाय अपनी पार्टी पर ध्यान देना चाहिए। उन्हें पता होना चाहिए कि भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है, यहां कार्यकर्ता ही सीएम और पीएम बनते हैं। तीन राज्यों में हमने कार्यकर्ताओं को ही सीएम बनाया है।
तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) की पार्टी तो परिवार की पार्टी है। उनकी पार्टी में तो भाई बहन ही शीर्ष पर बैठेंग। कार्यकर्ता तो बस नाम के हैं।
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