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Patna: सिलेंडर फटने से लगी आग में छह झुलसे, धमाके की आवाज से पड़ोसी की हार्ट अटैक से मौत

पटना के कदमकुआं इलाके में सिलेंडर में आग लगने से दो बच्चे समेत परिवार को छह लोग झुलस गए। वहीं सिलेंडर में धमाके की आवाज सुनकर पड़ोस में रहने वाले बुजुर्ग की हार्ट अटैक से मौत हो गई।

By Ashish ShuklaEdited By: Aditi ChoudharyPublished: Tue, 07 Feb 2023 11:00 AM (IST)Updated: Tue, 07 Feb 2023 11:00 AM (IST)
सिलेंडर में आग लगने से झुलसे दो बच्चों का चल रहा इलाज। जागरण

पटना, जागरण संवाददाता। पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र की अमरूदी गली स्थित एक मकान के किचन में गैस सिलेंडर विस्फोट से आग लग गई, जिसमें परिवार के दो मासूम सहित छह लोग झुलस गए। हादसा रविवार की रात करीब 10 बजे हुआ। दमकल के पहुंचने से पहले ही लोगों ने आग पर काबू पा लिया और इसकी जानकारी स्थानीय थाने को भी नहीं दी। बताया जाता है कि धमाका इतना तेज था कि बगल के मकान में रहने वाले बुजुर्ग की हार्ट अटैक से मौत हो गई। हालांकि, उनके घरवालों ने पुलिस को खबर नहीं की। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग पहले से बीमार था।

इधर, घर में विस्फोट से जख्मी 60 वर्षीय शिव नारायण यादव, उनकी 55 वर्षीय पत्नी आशा देवी, 30 वर्षीय बेटे जितेंद्र कुमार, बहू 27 वर्षीय रेणु देवी, पोते आठ वर्षीय भोलू व पोती छह वर्षीय पलक को इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है। सभी को उपचार के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है। इसमें रेणु की हालत गंभीर है। वहीं, बच्चों के दोनों पैर और हाथ झुलस गए हैं।

कदमकुआं थानेदार विमलेंदु कुमार ने बताया कि रविवार रात की घटना है, लेकिन स्वजनों ने संपर्क नहीं किया था। सोमवार को पुलिस को अस्पताल से सूचना मिली थी। स्वजन गैस रिसाव से आग लगने की बात कह रहे हैं, लेकिन किचन की सीलिंग और दरवाजे की हालत देखकर विस्फोट की आशंका जताई जा रही है। पड़ोसी भी धमाके की बात कह रहे हैं। पता लगाया जाएगा कि उनके पास गैस कनेक्शन है या नहीं। सच छुपाने का कारण तलाशा जा रहा है।

मिस्त्री से ठीक करवाया था सिलेंडर

शिवनारायण की खटाल है। उन्होंने बताया कि पास के मकान में किराए के तीन कमरे के फ्लैट में परिवार रहता है। किचन में गैस रिसाव हो रहा था। फर्श पर एलपीजी पसर गया था। रविवार की रात लगभग साढ़े आठ बजे के करीब एक मिस्त्री को बुला कर सिलेंडर ठीक करवाया गया था। इसके बाद रेणु खाना बनाने गई। उनके दोनों बच्चे भी किचन में मौजूद थे। पति सहित घर के बाकी सदस्य दूसरे कमरे में बैठे थे। रेणु को जानकारी नहीं थी कि एलपीजी पसरा है। उसने चूल्हे में जैसे ही लाइटर लगाया कि आग का गुबार उठ गया।

पति ने बचाई जान, सहमे हैं बच्चे

जितेंद्र ने बताया कि शोर सुनकर वह जब किचन में दौड़े तो पत्नी की साड़ी आग की चपेट में आ चुकी थी। दोनों बच्चे के पैर और हाथ भी झुलस गए थे। मां का चेहरा और हाथ भी झुलस गया और पिता भी मामूली रूप से जख्मी हो गए। वे कंबल लेकर आए और पत्नी और बच्चों को उससे ढककर दूसरे कमरे में ले गए। स्वजनों का कहना है कि सिलेंडर ब्लास्ट नहीं हुआ था। गैस रिसाव से आग लगी थी। स्वजनों ने बताया कि वे लंबे समय से उसी घर में रह रहे हैं। बगल में अपना मकान भी बनवा रहे हैं।


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