यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
BSSC SCAM : अब परमेश्वर को रिमांड पर लेगी SIT, पूछताछ से खुलेंगे कई राज
बिहार कर्मचारी आयोग की इंटरस्तरीय परीक्षा पेपर लीक मामले में एसआइटी पूर्व सचिव परमेश्वर राम को रिमांड पर लेने की ...और पढ़ें

पटना [जेएनएन]। बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) की इंटरस्तरीय प्रतियोगी परीक्षा के पेपर लीक मामले की जांच कर रही एसआइटी पूर्व सचिव परमेश्वर राम को रिमांड पर लेने की तैयारी में है। हालांकि, अधिकारी अभी कार्रवाई को लेकर पूरी तरह मौन हैं। सूत्रों की मानें तो आशीष से पूछताछ के बाद निलंबित अध्यक्ष सुधीर कुमार के हजारीबाग स्थित घर से महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद हुए थे, जबकि कोचिंग संचालक रामेश्वर की निशानदेही पर प्रश्नपत्र लीक करने वाले गिरोह का पता चला था। पूर्व सचिव परमेश्वर राम इन दोनों के बीच की कड़ी है। उनसे हुई पूछताछ के आधार पर परमेश्वर से पूछताछ की जाएगी।उनसे हुई पूछताछ के आधार पर परमेश्वर पर प्रश्नों की बौछार की जाएगी। जिसके बाद कई और राजफाश हो सकते हैं।
आशीष ने ली थी मोटी रकम
रामेश्वर के पास दो माध्यमों से प्रश्नों के उत्तर पहुंचे थे। आशीष ने उसे 29 जनवरी को आयोजित प्रथम पाली और 5 फरवरी को आयोजित दूसरी पाली के उत्तर मुहैया कराए थे। जिसके लिए उसे एक करोड़ रुपये तक मिलने थे। एडवांस के तौर पर केवल एक लाख रुपये ही दिए गए थे। वहीं तीसरे और चौथे चरण के उत्तर उसे सज्जाद के जरिए मिले, जो रंजन का करीबी था। गौरतलब है कि रंजन निलंबित अध्यक्ष की भवज मंजू के भाई का बेटा है।
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अब कोचिंग संचालकों को घेरेगी एसआइटी
एसआइटी अब उन कोचिंग संचालकों को घेरने की फिराक में है, जो सरकारी नौकरी दिलाने का दावा कर रहे हैं। रामेश्वर के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाले जा रहे हैं। उससे जिस कोचिंग संचालकों से लगातार बातचीत की पुष्टि होगी, उनसे पूछताछ की जाएगी। पता लगाया जाएगा कि उनके कोचिंग से किस वर्ष में कौन-कौन से छात्र को नौकरी मिली। इसके बाद उन छात्रों से पूछा जाएगा कि कैसे नौकरी पाई? कड़ी दर कड़ी जोड़कर फर्जीवाड़ा के इस खेल का पर्दाफाश होगा।
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ओएमआर शीट की छपाई करता था आनंद बरार
दिल्ली का रहने वाला आनंद बरार न केवल मूल्यांकन करता था, बल्कि उसके जिम्मे ओएमआर शीट की छपाई भी थी। ओएमआर शीट गुजरात के प्रिंटिंग प्रेस में भी छपे थे। इससे साबित होता है कि वो ओएमआर शीट बदलकर भी अभ्यर्थियों को सफलता दिलाता था। दिल्ली एवं पंजाब के हवाई अड्डों और स्टेशनों पर बरार की तस्वीर भेज दी गई है।
