Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Sharad Yadav: शरद यादव न होते तो बिहार में नहीं आता लालू का राज, निधन पर RJD सुप्रीमो ने याद किए पुराने दिन

    By Jagran NewsEdited By: Aditi Choudhary
    Updated: Fri, 13 Jan 2023 08:31 AM (IST)

    शरद यादव के प्रयासों से बिहार की सत्ता के शीर्ष पर पहुंचे लालू प्रसाद। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने उन्हें महान समाजवादी नेता बताते हुए कहा कि वे हमारे बड़े भाई थे। उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने शरद यादव के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।

    Hero Image
    समाजवादी नेता शरद यादव, लालू प्रसाद व नीतीश कुमार की फाइल फोटो।

    पटना, राज्य ब्यूरो। पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव के निधन से बिहार के राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई है। मुख्यमंत्री नीतीश  कुमार, उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, राजद सुप्रीमो लालू याजव समेत कई बड़े नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शरद यादव के आकस्मिक निधन पर अपने शोक संदेश मे कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है। शरद यादव से उनका जुड़ाव काफी पहले से रहा था। देश में समाजवादी सोच के अग्रणी नेताओं में शुमार थे वह। उनका निधन देश की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    तेजस्वी यादव बोले- शरद यादव के निधन पर हम सभी मर्माहत

    उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने शरद यादव के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उनके निधन से हम सभी मर्माहत हैं। उनके पुत्र भाई शांतनु से हमने बात भी की। तेजस्वी ने कहा कि शरद यादव समाजवादी विचारधारा के अग्रणी नेताओं में थे। हाल ही में उनसे हमारी बात भी हुई थी। वह स्वस्थ थे। उन्होंने हमें कहा भी था कि अपनी लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ो। कुछ दिन पहले मुलायम सिंह यादव जी का निधन हुआ था और अब शरद जी की मृत्यु की खबर आई। यह काफी दु:खद है।

    लालू बोले- बड़े भाई थे शरद यादव

    शरद यादव के प्रयासों से बिहार की सत्ता के शीर्ष पर पहुंचे लालू प्रसाद राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने उन्हें महान समाजवादी नेता बताते हुए कहा कि वे हमारे बड़े भाई थे। उनके निधन की खबर से मैं विचलित हूं। काफी आघात लगा है। सिंगापुर के अस्पताल में अपना इलाज करा रहे लालू ने अपना शोक संदेश वीडियो के माध्यम से भेजा है। उन्होंने कहा कि शरद महान समाजवादी और स्पष्टवादी नेता थे। मैं, शरद यादव, स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव, नीतीश कुमार और दूसरे नेता डा. राम मनोहर लोहिया और कर्पूरी ठाकुर के सानिध्य मिल कर राजनीति करते आ रहे हैं। शरद और मैं कभी बोलने, भाषण देने और विचारों के मामले में लड़ भी जाता था। हालांकि, इस लड़ाई में कभी कटुता नहीं आती थी। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को चिर शांति दें। परिवार के लोगों को दुख सहने की क्षमता दें।

    शरद यादव के निधन पर भाजपा नेताओं ने जताया शोक

    शरद यादव के निधन पर भाजपा नेताओं ने गहरा शोक जताया है। राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी ने कहा है कि शरद यादव मेरे राजनीतिक अभिभावक थे। मुझे उप मुख्यमंत्री बनवाने में उनकी बड़ी भूमिका थी। बिहार उनके योगदान को कभी नहीं भूलेगा। भाजपा विधानमंडल दल के नेता विजय कुमार सिन्हा ने शरद यादव के निधन को अपूरणीय क्षति बताया है। उन्होंने कहा कि ईश्वर उनकी आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिवार को दुख की इस कठिन घड़ी में धैर्य और संबल प्रदान करें। वहीं, विधान परिषद में प्रतिपक्ष के नेता सम्राट चौधरी ने कहा है कि देश के साथ बिहार ने कुशल समाजवादी नेता खो दिया। मूलतः मध्यप्रदेश के होने के बावजूद शरद यादव की राजनीतिक कर्मभूमि बिहार रही। उनका बिहार से गहरा लगाव था। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल ने भी शरद के निधन पर शोक जताया है।

    राजद के कई नेताओं ने समाजवादी नेता शरद यादव के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी, उदय नारायण चौधरी, प्रदेश प्रधान महासचिव आलोक कुमार मेहता एवं प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि शरद जी के निधन से देश की राजनीति में जो शून्यता आयी है, उसकी भरपाई संभव नहीं है वे हमेशा समाजवादी आन्दोलन के महान सेनापति के साथ ही मंडल मसीहा के रूप में याद किए जाएंगे।