यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 09, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बालू धंधेबाजों से जान बचाने के लिए दौड़कर हांफी पुलिस, भोजपुर में पांच थानों पर माफिया पड़े भारी
जिला पुलिस व खनन विभाग की टीम बिंदगांवा गांव के मंदिर के समीप गाडिय़ों को खड़ी करने के बाद बालू ...और पढ़ें

आरा, जागरण टीम। Sand Mafia Attacked on Police: बिहार के भोजपुर, रोहतास, औरंगाबाद और सारण जिले में बालू माफिया का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार के वरीय स्तर से की जा रही कोशिशों का भी बहुत अधिक फायदा नहीं दिख रहा है। भोजपुर जिले के बड़हरा व कोईलवर थाना की सीमा से सटे बिंदगांवा घाट पर रविवार को अवैध बालू खनन को छापेमारी करने पहुंची पुलिस पर धंधेबाजों और उनके सहयोगियों ने ईंट-पत्थर से हमला कर दिया। पुलिस की छह गाड़ियों का शीशा टूट गया। इसमें एक गाड़ी खनन विभाग की भी है। गाड़ी पर मौजूद चालकों व जवानों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। बालू तस्करों के हमले में तीन-चार पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। एक महिला सिपाही भी घायल है। घटना शाम करीब चार बजे की है।
बताया जा रहा है कि सोन नदी में अवैध खनन व नावों से परिवहन को लेकर कोईलवर थाना से लेकर बड़हरा के बिंदगांवा सोन नदी घाट तक रविवार को अभियान चलाया जा रहा था। सदर एसडीपीओ विनोद कुमार के अलावा सदर सर्किल इंस्पेक्टर शशी शेखर चौधरी, मुफस्सिल इंस्पेक्टर अनील कुमार सिंह के अलावा कोईलवर, बड़हरा, सिन्हा, कृष्णागढ़ एवं चांदी थाना की पुलिस शामिल थी। सदर डीएसपी कोईलवर इलाके में कैंप कर रहे थे। जबकि, इंस्पेक्टर बड़हरा के बिंदगांवा इलाके में थे।
नावों में छेद किए जाने व नदी में डुबोए जाने से भड़के धंधेबाज
जिला पुलिस व खनन विभाग की टीम बिंदगांवा गांव के मंदिर के समीप गाडिय़ों को खड़ी करने के बाद बालू घाट पर पहुंची थी। सुबह 11 बजे से ही अभियान चल रहा था। स्थानीय लोगों ने बताया कि पुलिस ने अभियान के दौरान तीन बालू लदी नावों को नदी में डुबो दिया। यहां तक कि नाव में छेद कर दिया गया। चौथी खाली नाव को जब पुलिस नदी में डुबोने के लिए चली तो बालू धंधेबाजों व सहयोगियों ने गांव के मंदिर के समीप खड़ी बड़हरा, सिन्हा, कोईलवर, चांदी थाना के अलावा सदर इंस्पेक्टर की सूमो गाड़ी को ईंट-पत्थर से हमला बोल क्षतिग्रस्त कर दिया। खनन विभाग की गाड़ी को भी नहीं छोड़ा। घटना के समय कुछ जवान मंदिर में थे तो कुछ गाड़ी में बैठे थे। अचानक हमले के बाद जवान भाग खड़े हुए। पथराव में तीन-चार पुलिसकर्मियों को चोटें भी आई हैं।
