'यह विकास की पुण्यतिथि और सुशासन की बरसी है', सम्राट चौधरी बोले- सरकार से परेशान होकर DGP बिहार छोड़ भाग रहे
महागठबंधन सरकार का एक साल पूरा होने पर बिहार भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी नीतीश-तेजस्वी सरकार पर बरसे। उन्होंने कहा कि यह महागठबंधन सरकार की वर्षगांठ नहीं है। यह विकास की पुण्यतिथि व सुशासन की बरसी है। राज्य की घमंडी सरकार नौकरी मांगने वालों पर लाठी चलाती है तो कटिहार में बिजली मांग रहे किसानों पर गोली चलवाती है। डीजीपी बिहार छोड़ भाग रहे हैं।

राज्य ब्यूरो, पटना: बिहार में भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी गुरुवार को राज्य में महागठबंधन सरकार का एक साल पूरा होने पर नीतीश-तेजस्वी सरकार पर बरसे।
सम्राट चौधरी ने महागठबंधन सरकार को घेरते हुए कहा कि यह महागठबंधन सरकार की वर्षगांठ नहीं है। यह विकास की पुण्यतिथि व सुशासन की बरसी है।
भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने पार्टी प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि राज्य की घमंडी सरकार नौकरी मांगने वालों पर लाठी चलाती है तो कटिहार में बिजली मांग रहे किसानों पर गोली चलवाती है। सरकार संपोषित भ्रष्टाचार और कुशासन से आहत डीजीपी आरएस भट्टी बिहार छोड़ भागने को तैयार हैं।
सम्राट चौधरी ने आरोप लगाया कि महागठबंधन सरकार डीजीपी को सुशासन स्थापित करने से रोक रही है। इस दौरान, उन्होंने महागठबंधन सरकार को घमंडी गठबंधन सरकार करार दिया। चौधरी ने कहा कि बिहार में घमंडी गठबंधन की सरकार को एक साल पूरा हो गया है।
याद दिलाया रोजगार का वादा
सम्राट चौधरी ने कहा कि सही अर्थों में आज विकास की पुण्यतिथि है और सुशासन की बरसी है। भ्रष्टाचार के विरोध में राज्य में युवा भाजपा ने धिक्कार मार्च निकाल। सभी जिलाधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। राज्य सरकार के 10 लाख लोगों को नौकरी देने के वादे की ओर ध्यान आकृष्ट किया है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि भाजयुमो द्वारा सरकार के विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें 25 लाख लोगों के हस्ताक्षर इकट्ठे किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी हस्ताक्षरों के साथ एक ज्ञापन 13 अगस्त को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को सौंपा जाएगा।
नौकरी का हिसाब मांगा तो लाठी बरसाई
सम्राट ने कहा कि जब 10 लाख सरकारी नौकरी का हिसाब मांगा तो हमारे कार्यकर्ताओं पर लाठी चलाई गई। बेगूसराय में दलित समाज की बेटी को पीटा गया। दरभंगा में अनुसूचित समाज के लोगों को अंत्येष्टि से रोका गया, लेकिन इन सारी कारनामों पर सरकार सोई रही।
1700 करोड़ की लागत से बना पुल ढहा, FIR तक नहीं हुई
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के व्यक्ति के शव पर पेशाब की गई, लेकिन तुष्टिकरण के कारण कोई कार्रवाई नहीं की गई। 1700 करोड़ से अधिक लागत से बनने वाला पुल ढह गया, लेकिन एक एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई।
इस मौके पर पूर्व उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, प्रदेश महामंत्री शिवेश राम, जगन्नाथ ठाकुर, राजेश वर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पाठक, प्रदेश मंत्री संतोष रंजन, प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिंह, अशोक भट्ट और राजेश झा उपस्थित थे।
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