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    ट्रंप ने किया युद्धविराम का एलान, लालू की पार्टी को आया गुस्सा; पूछा- आपको ये अधिकार किसने दिया?

    By Agency Edited By: Rajat Mourya
    Updated: Sun, 11 May 2025 03:02 PM (IST)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम की घोषणा की। ट्रंप की घोषणा के बाद से भारत में राजनीति तेज हो गई है। लालू यादव की पार्टी ने पूछा कि आखिर ट्रंप को ये अधिकार किसने दिया? राजद सांसद मनोज झा ने यहां तक कह दिया कि ट्रंप को अपने सामान्य ज्ञान में सुधार करने की जरूरत है।

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    ट्रंप ने किया युद्धविराम का एलान, लालू की पार्टी को आया गुस्सा

    एजेंसी, नई दिल्ली/पटना। 3 से 4 दिन तक एलओसी (LoC) पर सैन्य संघर्ष के बाद शुक्रवार को शाम 5 बजे भारत और पाकिस्तान युद्धविराम (India Pakistan Ceasefire) के लिए तैयार हो गए। हालांकि, इसकी घोषणा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए की।

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    ट्रंप ने दोनों देशों, भारत-पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए बधाई भी दी। वहीं, अब इसको लेकर राजनीति शुरू हो गई है। विपक्षी दल राजद (RJD) ने ट्रंप की 'मध्यस्थता' की पेशकश और 'युद्धविराम' की घोषणा पर आपत्ति जताई है।

    राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा (RJD MP Manoj Jha) ने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की। उन्होंने भारत सरकार से इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराने को कहा। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए झा ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को अपने सामान्य ज्ञान में सुधार करना चाहिए।

    राजद सांसद ने पूछा- आप कौन होते हैं यह (युद्धविराम) तय करने वाले? आपको यह अधिकार किसने दिया? सबसे पहले, आपको अपने सामान्य ज्ञान में सुधार करने की जरूरत है, क्योंकि उस देश (पाकिस्तान) का जन्म 78 साल पहले हुआ था और आप 1,000 साल का रूपक इस्तेमाल कर रहे हैं। हमें भू-राजनीतिक फुटबॉल समझने की गलती न करें। इस पर हमारी सरकार की ओर से कड़ा विरोध होना चाहिए।

    'पूरी दुनिया के तथाकथित सरपंच...'

    उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति पर दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम की घोषणा करने के लिए भी निशाना साधा। आरजेडी सांसद ने कहा, "हम पीड़ित थे और हमने यह सुनिश्चित करके सटीक जवाब दिया कि कोई नागरिक हताहत न हो और हमने 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन पाकिस्तान ने हमारे नागरिकों को निशाना बनाया। यह दो सेनाओं के बीच का अंतर दिखाता है - पेशेवर भारतीय सेना और एक दुष्ट देश पाकिस्तान की सेना।

    हालांकि, इससे पहले कि हम अपनी आधिकारिक जानकारी दे पाते, अमेरिकी राष्ट्रपति ने संघर्ष विराम की घोषणा कर दी, जो शिमला समझौते के अनुसार भी सही नहीं है। सरकार ने इस दावे का खंडन करने की कोशिश की और कहा कि ऐसा कोई हस्तक्षेप नहीं हुआ है, लेकिन पूरी दुनिया के तथाकथित "सरपंच" द्वारा किया गया यह प्रयास हमारे जैसे लोकतांत्रिक देश के लिए उचित नहीं है।"

    कांग्रेस ने की विशेष सत्र बुलाने की मांग

    दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने इन संवेदनशील मामलों पर सर्वदलीय बैठक और संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री के नेतृत्व में तत्काल एक उच्च स्तरीय सर्वदलीय बैठक बुलाई जानी चाहिए। इन संवेदनशील मामलों पर संसद का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए, ताकि हम सवाल पूछ सकें और सच्चाई जान सकें। क्या हमें यह जानने के लिए वॉशिंगटन रेडियो सुनने पड़ेगा?

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या कहा?

    ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "अमेरिका की तरफ से मध्यस्थता के द्वारा रात भर चली बातचीत के बाद, मुझे यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि भारत और पाकिस्तान के बीच पूर्ण और तत्काल सीजफायर की सहमति बन गई है। समझ-बूझ और जबरदस्त बुद्धिमता दिखाने के लिए दोनों देशों को बहुत बहुत धन्यवाद। इस बारे में ध्यान देने के लिए सभी का धन्यवाद।"

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