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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar News: भाजपा की नई टीम में बिहार से एकमात्र ऋतुराज सिन्हा; राष्ट्रीय सचिव बनाए गए, राधामोहन की छुट्टी

By Edited By: Yogesh Sahu
Published: Sat, 29 Jul 2023 08:48 PM (IST)Updated: Sat, 29 Jul 2023 08:51 PM (IST)

भारतीय जनता पार्टी ने साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले अपनी नई टीम का एलान कर दिया ...और पढ़ें

Bihar News: भाजपा की नई टीम में बिहार से एक मात्र ऋतुराज सिन्हा; राष्ट्रीय सचिव बनाए गए, राधामोहन की छुट्टी
Bihar News: भाजपा की नई टीम में बिहार से एक मात्र ऋतुराज सिन्हा; राष्ट्रीय सचिव बनाए गए, राधामोहन की छुट्टी

HighLights

  1. लंबे अंतराल के बाद बिहार से छिना राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद
  2. ऋतुराज सिन्हा का पार्टी में बढ़ा कद
  3. विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान निभा चुके हैं दायित्व

राज्य ब्यूरो, पटना। लंबी प्रतीक्षा के बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को राष्ट्रीय पदाधिकारियों की घोषणा कर दी। इसमें बिहार से सिर्फ एक व्यक्ति को जगह मिली है।

अभी तक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे राधामोहन सिंह की छुट्टी कर दी गई है। ऋतुराज सिन्हा राष्ट्रीय सचिव का पद बचाने में सफल रहे हैं।

ऋतुराज भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में बिहार से एकमात्र चेहरा हैं। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर के सफल व युवा उद्यमी भी हैं। इससे माना जा रहा है कि संगठन में उनका कद बढ़ा है।

संभव है कि आने वाले दिनों में पार्टी उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी दे। वर्तमान में ऋतुराज पूर्वोत्तर के राज्यों के प्रभारी हैं।

विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी की चुनाव प्रबंधन समिति में वे विभिन्न दायित्वों को सफलतापूर्वक निभा चुके हैं।

महत्वपूर्ण यह है कि लंबे समय बाद बिहार को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से वंचित किया गया है।

अब तक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे राधामोहन सिंह से पहले कैलाशपति मिश्र, सुशील मोदी, सुखदा पांडेय, किरण घई और रेणु देवी को यह दायित्व मिल चुका है।

छाप नहीं छोड़ पाए राधामोहन

वर्तमान में राधामोहन सिंह मोतिहारी से भाजपा के सांसद हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले कार्यकाल में इन्हें कृषि मंत्री बनाया था।

दूसरी बार 2019 में नए मंत्रिमंडल में इन्हें शामिल नहीं किया गया था। उस समय चौतरफा इसकी चर्चा रही थी कि राधामोहन बतौर कृषि मंत्री पूरी तरह फ्लाप हैं।

सत्ता की कसौटी पर खरा नहीं उतरने के कारण उन्हें मंत्री पद से हटा दिया गया। बाद में संघ के दबाव में किसी तरह संगठन में समायोजित किया गया था।

हालांकि, संगठन में भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की भूमिका में कोई उल्लेखनीय छाप नहीं छोड़ पाए। कुछ वर्ष पहले वे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे। तब भी संगठन अपने लक्ष्यों को पाने में सफल नहीं रहा था।

पार्टी के वरीय नेता अंदरखाने ऐसी चर्चा कर रहे थे। राधामोहन पर मोतिहारी से भाजपा के विधान परिषद के सीटिंग कैंडिडेट बबलू गुप्ता के खिलाफ काम करने के आरोप लगे थे।

बबलू की हार भी हुई थी। इसकी शिकायत प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचाई गई थी। अब इन्हें नई टीम में जगह नहीं मिली है।