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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 18, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बाहर से आए कामगारों के लिए प्लग एंड प्ले योजना शुरू करने की तैयारी, चनपटिया मॉडल पर होगा काम

By Akshay PandeyEdited By:
Published: Mon, 18 Jan 2021 04:01 PM (IST)

कोरोना में बाहर के राज्यों से लौटे कामगारों को अपना उद्यम स्थापित किए जाने को ले उद्योग विभाग प्लग एंड ...और पढ़ें

कामगारों को अपना उद्यम स्थापित किए जाने को ले उद्योग विभाग योजना पर काम शुरू करने की तैयारी में है।
कामगारों को अपना उद्यम स्थापित किए जाने को ले उद्योग विभाग योजना पर काम शुरू करने की तैयारी में है।

राज्य ब्यूरो, पटना: कोरोना काल में बाहर के राज्यों से लौटे कामगारों को अपना उद्यम स्थापित किए जाने को ले उद्योग विभाग प्लग एंड प्ले योजना पर काम शुरू करने की तैयारी में है। इसके लिए उद्योग विभाग ने सभी जिला उद्योग प्रबंधकों को चनपटिया मॉडल का अध्ययन करने के लिए बेतिया भेजा था। 

क्या होना है प्लग एंड प्ले योजना में

प्लग एंड प्ले योजना के तहत उद्योग विभाग संबंधित जिले के कामगारों के बीच हुई स्किल मैपिंग के आधार पर तय क्लस्टर के हिसाब से उद्योगों का वर्गीकरण करेगा। इसके बाद संबंधित जिले में उपलब्ध जमीन पर शेड और मशीन को उपलब्ध करा देगा। कार्यशील पूंजी के साथ बाहर से आए कामगारों को उक्त यूनिट में काम करने की पूरी व्यवस्था कर दी जाएगी। इसकी मॉनीटरिंगसंबंधित जिले के जिला उद्योग प्रबंधक व जिले के विकास आयुक्त के माध्यम से कराई जाएगी।

इनोवेशन फंड से भी दी जाएगी मदद

उद्योग विभाग के आला अधिकारियों ने बताया कि प्लग एंड प्ले योजना के तहत काम करने वाले लोगों को उद्योग विभाग के इनोवेशन फंड से भी मदद दी जाएगी। इसके अतिरिक्त केंद्र व राज्य सरकार द्वारा उद्यमिता विकास के लिए जो योजनाएं चल रही हैैं उसके तहत भी मदद की जाएगी।

कई क्लस्टरों पर शुरू होना है काम

बाहर से आए कामगारों के लिए बेतिया के चनपटिया स्थित राज्य खाद्य निगम के गोदाम में रेडिमेड गारमेंट का क्लस्टर काफी सफलता पूर्वक चल रहा। मुख्यमंत्री भी इस काम को देखने गए थे। कुछ जिलों में पेवर्स ब्लॉक का काम भी हो रहा। उद्योग विभाग ने अपने सभी जिला उद्योग प्रबंधकों को चनपटिया मॉडल को देखने के लिए भेजा था। इस मॉडल के आधार पर किस तरह से आगे काम हो सकता है इस पर काम करने को कहा है। कामगारों द्वारा उन जगहों से संपर्क कर अपने उत्पाद को वहां भेजा जा रहा जिनके लिए वह बाहर के राज्यों में उत्पाद तैयार करते थे। रेडिमेड गारमेंट के अलावा कई अन्य क्लस्टरों पर काम शुरू होना है।