'बिहार सुधार कर रहूंगा, पीछे हटने वाला नहीं'; जनसुराज की हार पर बोले प्रशांत किशोर
जन सुराज पदयात्रा में प्रशांत किशोर ने बिहार को सुधारने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि वह अपने लक्ष्य से ...और पढ़ें

हार के बाद पहली बार बोले प्रशांत किशोर
HighLights
प्रशांत किशोर का बिहार सुधार का संकल्प
जन सुराज की असफलता पर प्रतिक्रिया
20 नवंबर को प्रशांत किशोर का उपवास
राज्य ब्यूरो, पटना। जन सुराज पार्टी की करारी हार के बाद प्रशांत किशोर (PK) ने पूरी जिम्मेदारी लेते हुए सरकार पर कड़े सवाल उठाए हैं। बिहार के चंपारण स्थित भितिहरवा आश्रम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए PK ने साफ कहा कि “मैं बिहार को सुधार कर रहूंगा। यह भ्रम है कि मैं बिहार छोड़ दूंगा। मैं पीछे हटने वाला नहीं हूं।”
उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम चाहे जो हो, लेकिन बिहार की वास्तविक लड़ाई रोजगार, पलायन और गरीबी की है।
PK ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन लोग इतनी आसानी से अपना वोट नहीं बेचते।
'लोग कह रहे हैं कि 10 हजार में वोट बिक गया। यह अपमान है। 29 हजार करोड़ रुपये बांटे गए और 40 हजार करोड़ की योजनाओं का ऐलान हुआ। जनता ने भी सब देखा।'
PK ने चुनावी परिदृश्य को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि प्रति विधानसभा क्षेत्र 60 से 62 हजार महिलाओं को 10–10 हजार रुपये दिए गए, जिसका स्पष्ट प्रभाव चुनाव नतीजों में देखने को मिला। उन्होंने कहा कि मतदान के अंतिम दो घंटों में 15 से 20 प्रतिशत मतदान का बढ़ जाना संदेह पैदा करता है। PK ने आरोप लगाया कि कई जगह जीविका दीदियों को मतदान केंद्रों पर बैठाकर वोट डलवाने का लक्ष्य दिया गया, जो चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठाता है।
प्रशांत किशोर ने चुनावी विश्लेषकों का हवाला देते हुए कहा कि एनडीए की जीत तीन प्रमुख कारणों से संभव हुई
- बड़े पैमाने पर नकदी हस्तांतरण
- जंगलराज के भय का हवाला देकर ध्रुवीकरण
- वोट का जातिगत आधार पर विपरीत एकजुट होना
प्रशांत किशोर ने सत्ता में लौटे NDA को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर सरकार वाकई महिलाओं का भला चाहती है, तो अगले छह महीनों में हर महिला को दो लाख रुपये दे।
उन्होंने कहा कि इससे डेढ़ करोड़ महिलाओं को स्वरोजगार मिलेगा, पलायन बंद होगा और गरीबी मिटाने की दिशा में बड़ा कदम होगा।
उन्होंने कहा, 'अगर एनडीए ने वोट खरीदने के लिए पैसा नहीं दिया है तो अब हर महिला को दो लाख रुपये देकर साबित करे कि वह जनता की हितैषी है। अगर यह छह महीने में कर दिया, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। जन सुराज आपके साथ खड़ा होगा।'
प्रशांत किशोर ने यह भी घोषणा की कि सरकारी सहायता न मिलने की समस्या को लेकर वे खुद जनता के साथ खड़े रहेंगे। PK ने कहा, 'मैं एक नंबर जारी कर रहा हूं। अगर किसी महिला को यह राशि नहीं मिले तो मुझे बताएं। मैं खुद नीतीश कुमार से मिलकर समाधान कराऊंगा।'
जन सुराज पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए PK ने कहा कि वे 20 नवंबर को भितिहरवा आश्रम में एक दिन का उपवास करेंगे। उनका कहना है कि यह आत्ममंथन और जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने का संदेश है।
PK ने कहा कि बिहार का भविष्य बदलेगा, और यह बदलाव राजनीति नहीं, जनता की एकजुट इच्छा से आएगा।
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