पटना [अमित अालोक]। बिहार के चुनावी रणनीतिकार व जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) फिर चर्चा में हैं। इस बार वे आंध्र प्रदेश की वाइएसआर कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे, जिसने वहां विधानसभा व लोकसभा चुनावों में शानदार जीत दर्ज की है। चुनाव में आंध्र प्रदेश में मुख्‍यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की पार्टी को शिकस्‍त का सामना करना पड़ा है। इसका श्रेय प्रशांत किशोर को दिया जा रहा है।.

प्रशांत किशोर ने भी वाइएसआर कांग्रेस पार्टी की जीत के लिए आंध्र प्रदेश की जनता व अपने सहयोगियों को बधाई दी है। अपने ट्वीट में उन्‍होंने पार्टी सुप्रीमो वाइएस जगन मोहन रेड्डी को भी प्रदेश का नया मुख्‍यमंत्री बनने की बधाई दी है।

वाइएसआर कांग्रेस के लिए तैयार की चुनावी रणनीति

विदित हो कि प्रशांत किशोर ने आंध्र प्रदेश में वाइएसआर कांग्रेस की चुनावी रणनीति तैयार की थी। वे पार्टी सुप्रीमो वाइएस जगन मोहन रेड्डी के करीबी बताए जाते हैं। दोनों की नजदीकी हाल में तब चर्चा में आईथी, जब एक सभा के दौरान जगन मोहन रेड्डी ने प्रशांत किशोर का परिचय लोगों से खुद कराया था। अब वाइएसआर कांग्रेस पार्टी को विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत मिलने के साथ वाइएस जगन मोहन रेड्डी का मुख्यमंत्री बनना तय है। खास बात यह है कि रेड्डी ने यह चुनाव किसी भी गठबंधन के साथ नहीं, बल्कि अकेले अपने बूते पर लड़ा था।

आंध्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता वाइएसआर राजशेखर रेड्डी के 2 सितंबर 2009 को हेलीकॉप्टर हादसे में निधन के बाद जगन मोहन रेड्डी को उम्मीद थी कि उन्‍हें पिता की राजनीतिक विरासत सौंप दी जाएगी। कांग्रेस के ऐसा नहीं करने पर उन्‍होंने अलग होकर वाइएसआर कांग्रेस पार्टी बना ली। इसके करीब एक दशक के बाद अब जगन मोहन रेड्डी का मुख्यमंत्री बनने का सपना पूरा होता दिख रहा है। इसका श्रेय प्रशांत किशोर की रणनीति को दिया जा रहा है।

आसान की जगन रेड्डी की राह

प्रशांत किशोर की टीम ने जगन रेड्डी के लिए डेढ़ साल पहले काम शुरू किया। इसके तहत 20,000 युवकों को जोड़ा गया। उन्‍होंने 175 विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी प्रचार का करीब 70 फीसद काम संभाला। राज्य के 46 हजार बूथों 11-11 सदस्यीय बूथ कमेटियों का गठन किया गया। पार्टी के लिए करीब पांच लाख बूथ कार्यकर्ताओं ने जमकर काम किया। प्रशांत किशोर की रणनीति के तहत जगन रेड्डी ने पदयात्रा भी की। इससे यह धारणा टूटी कि जगन मोहन रेड्डी तक पहुंचना आसान नहीं।

पीएम मोदी व सीएम नीतीश के लिए बना चुके रणनीति

प्रशांत किशोर इसके पहले साल 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के लिए सफल चुनावी रणनीति तैयार की थी। आगे 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के लिए चुनावी रणनीतिकार की भूमिका निभाई। इस चुनाव में भी उनकी रणनीति सफल रही। हालांकि, आगे 2017 में कांग्रेस के लिए उत्‍तर प्रदेश में उनकी रणनीति सफल नहीं रही। लेकिन आंध्र प्रदेश में वे एक बार फिर सफल रहे हैं।

कौन हैं प्रशांत किशोर, जानिए

- प्रशांत किशोर का जन्‍म बिहार के बक्सर जिले में हुआ। उनके पिता चिकित्सक थे, जिनका हाल ही में निधन हो गया है। उनके बड़े भाई पटना में व्‍यवसाय करते हैं।

- बिहार में शुरुआती पढ़ाई के बाद प्रशांत इंजीनियरिंग करने हैदराबाद चले गए। पड़ाई के बाद उन्‍होंने यूनिसेफ ज्‍वाइन किया, जहां उन्‍होंने ब्रांडिंग की जिम्‍मेदारी संभाली।

- साल 2011 में भारत वापस लौटकर प्रशांत गुजरात के चर्चित 'वाइब्रैंट गुजरात' आयोजन से जुड़े। वहां उनकी मुलाकात गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई।

- प्रशांत किशोर से प्रभावित नरेंद्र मोदी ने उन्‍हें 2014 के लोकसभा चुनाव की रणनीति बनाने की जिम्‍मेदारी दी। 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को मिली भारी जीत का श्रेय प्रशांत किशोर को दिया गया।

- प्रशांत किशोर कालक्रम में बीजेपी से निराश होकर बिहार लौटे, जहां उनकी मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार से नजदीकी बढ़ी। इसके बाद उन्‍होंने 2015 के विधानसभा चुनाव में मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के लिए काम किया।

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Posted By: Amit Alok

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