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    PPF Sukanya Interest Rate: एक से अधिक पीपीएफ, सुकन्या खाते पर मिलेगा साधारण ब्याज; निवेशकों को हो सकता है नुकसान

    पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि खाते पर अब एक से अधिक खाते होने पर सामान्य ब्याज दर ही मिलेगी। परिपक्वता पर केवल एक खाते पर ही अधिकतम ब्याज का लाभ मिलेगा। 1 अक्टूबर से लागू होने वाली इस नई व्यवस्था से निवेशकों को निराशा हो सकती है। वहीं बड़ी बचत योजनाओं का भी एक से अधिक खाता खुलवा रखा है तो आपको फायदे की जगह नुकसान हो सकता है।

    By Nalini Ranjan Edited By: Rajat Mourya Updated: Mon, 02 Sep 2024 06:31 PM (IST)
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    अधिक ब्याज दर योजना वाली खातों की परपिक्वता समय पर भुनाने पर नहीं मिलेगा लाभ।

    जागरण संवाददाता, पटना। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), सुकन्या समृद्धि खाता (एसएसए), महिला सम्मान योजना का एक से अधिक खाता होने पर सामान्य ब्याज दर का ही लाभ मिल सकेगा। परिपक्वता के समय एक खाता पर ही अधिकतम ब्याज का लाभ उठा सकेंगे।

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    केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से नई व्यवस्था 1 अक्टूबर से लागू करने की कवायद से निवेश करने वालों को निराशा हाथ लगेगी। बड़ी बचत योजनाओं का भी एक से अधिक खाता खुलवा रखा है तो आपको फायदे की जगह नुकसान हो सकता है। अधिक ब्याज दर वाली योजनाओं में एक को छोड़ शेष शेष खाताओं को साधारण ब्याज दर से धन वापसी होगी। डाक विभाग ने वित्त मंत्रालय के निर्देश पर गाइडलाइन जारी किया है।

    ऐसे होगी पहचान

    बिहार डाक सर्किल के डाक मुख्य महाध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि किसी भी योजना का खाता खोलने के लिए ग्राहकों का कस्टमर आइडेंटिफिकेशन फाइल (कीफ) खोला जाता है। इसमें ग्राहक की जानकारी होती है। नवजात के मामले में जब वह बड़ी होती है और उसके खाते में उसका आधार नंबर जुड़ेगा या परिवक्वता अवधि में राशि निकासी के समय आधार डालने के समय एक से अधिक खाता होने की पहचान हो जाएगी। इसके बाद पहला मूल खाता को छोड़, शेष खातों पर साधारण ब्याज राशि से भुगतान होगा।

    केवल ब्लड रिलेशन वाले ही खुलवा सकते हैं खाता

    सरकार के निर्देशानुसार केवल उसके ब्लड रिलेशन वाले गार्डियन खाता खुलवा सकते हैं। अब तक देखा जा रहा था कि पहले नाना-नानी, मामा-मामी, दादा-दादी खाता खोलवा दे रहे थे। अब सरकार की योजना है कि वास्तविक गार्डियन माता-पिता ही केवल इसे खुलवा सकें।

    वर्तमान में कई लोगों का देखा गया है कि बच्चे के दादा-दादी, मामा-मामी, नाना-नानी व मम्मी-पापा भी अपने-अपने गार्डियनशिप में बड़ी ब्याज दर वाली योजनाओं का खाता खोलवा चुके है। इससे अब वह परेशानी में आ जाएंगे।