पटना [ वेब डेस्क ]। नए शराबबंदी कानून पर राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह की तल्ख टिप्पणी और इसके विवादास्पद प्रावधानों को तत्काल वापस लिए जाने की उनकी मांग के साथ ही राज्य में इस कानून पर राजनीतिक बयानबाजियों का दौर शुरू हो गया है।

राजद की ओर से इस मुद्दे पर चुप्पी के बीच भाजपा ने जहां इस कानून के साथ मुख्यमंत्री को भी निशाने पर लिया है वहीं जदयू के प्रदेश अध्यक्ष नीतीश कुमार के बचाव में उतरे हैं।

राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया में पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा कि राजद सरकार में शामिल है और रघुवंश प्रसाद सिंह बड़े नेता हैं। उनके बयान से साबित हो गया है कि इस मुद्दे पर राजद और जदयू में क्या चल रहा है? कहा कि सरकार को अब भी इस कानून की खामियों पर विचार करना चाहिए।

पढ़ेंः शराबबंदी कानून पर भड़के RJD नेता रघुवंश, कहा-जदयू MLA भी नीतीश के साथ नहीं

सुशील मोदी ने कहा कि वे भी शराबबंदी के पक्षधर हैं। इसी कारण जब सरकार ने समर्थन मांगा तो उन्होंने और उनकी पार्टी ने समर्थन दिया। लेकिन वे एेसे कानून का समर्थन नहीं कर सकते जिसमें किसी की गलती की सजा पूरे परिवार को भुगतनी पड़े। कहा कि कानून के प्रावधानों में कई खामियां हैं जिनकी ओर रघुवंश बाबू ने इशारा किया है। अब सरकार को सोचना है।

उधर भाजपा अध्यक्ष मंगल पांडेय ने कहा कि राजद नेता रघुवंश बाबू ने दिल की बात कही है। वे अपनी साफगोई के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपनी बात कह दी जिससे हालात का अंदाजा लगता है लेकिन राजद को अपना स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए।

पढ़ेंः CM नीतीश के गृहजिले में शराबबंदी का उल्लंघन, 50 परिवारों पर जुर्माना

उधर इस मामले पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पह हो रहे हमलों के बचाव में आए जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार गांधी के आदर्शों पर चल रहे हैं। नशाबंदी गांधी का सपना था। राज्य में नशामुक्ति लागू कर नीतीश ने बेहतर समाज बनाने का प्रयास किया है।

उल्लेखनीय है कि रघुवंश प्रसाद सिंह ने शराबबंदी कानून के कुछ प्रावधानों को आम आदमी के प्रतिकूल बताते हुए तत्काल इन्हें वापस लेने की मांग की है।

Posted By: Pramod Pandey

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस