लोगों को रास नहीं आ रही पाटलिपुत्र-गोरखपुर वंदे भारत ट्रेन, सामने आई ये चौंकाने वाली बात
पाटलिपुत्र और गोरखपुर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस दूसरे दिन केवल 50% सीटों के साथ चली, जबकि पहले दिन यह पूरी भरी थी। रेलवे प्रशासन कम यात्रियों के कारणों पर मंथन कर रहा है। इसके मुख्य कारण ट्रेन का समय और महंगा किराया बताया जा रहा है।
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जागरण संवाददाता, पटना। पाटलिपुत्र और गोरखपुर के मध्य चलाई जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस दूसरे दिन मात्र 50 प्रतिशत ही सीटें भर पाई। पहले दिन यह ट्रेन भरकर गई थी। दूसरे दिन आधी सीटें खाली रहने को लेकर रेल प्रशासन मंथन में जुटा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि दूसरे दिन आधी सीटें भर नहीं पाईं।
20 जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का उद्घाटन किया था। यह ट्रेन 15.30 बजे पाटलिपुत्र जंक्शन से रवाना हुई तो आधी सीटें खाली थी।
ट्रेन का किराये एवं समय को लेकर चर्चा
यात्रियों में ट्रेन के समय को लेकर चर्चा हाेती रही। यात्री रविन्द्र कुमार का कहना था कि 15.30 बजे वंदे भारत ट्रेन पाटलिपुत्र स्टेशन से चलती है। उसके मात्र 15 मिनट बाद ही पाटलिपुत्र से पटना-जयनगर ट्रेन रवाना हो रही है। ऐसे में हाजीपुर एवं मुजफ्फरपुर जाने वाले यात्री वंदे भारत के बजाए पटना-जयनगर को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
हालांकि, अभी आगे देखना है कि वंदे भारत को लोग कितना पसंद करते हैं। महंगा किराया भी वंदे भारत को प्रभावित कर रहा है। पाटलिपुत्रा से हाजीपुर की दूरी मात्र 21 किलोमीटर है, परंतु ट्रेन के चेयर कार का किराया 380 रुपये है।
एग्जीक्यूटिव क्लास की बात करें तो पाटलिपुत्र से हाजीपुर का किराया 715 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं, पाटलिपुत्र से मुजफ्फरपुर की दूरी 75 किलोमीटर है, इतनी दूरी का वंदे भारत के चेयरकार का किराया 440 रुपये वसूला जा रहा है। इतनी दूरी का एग्जीक्यूटिव क्लास का 840 रुपये निर्धारित किया गया है।
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