पटना, जेएनएन। सभ्यता द्वार का दीदार अब हर कोई कर सकेगा। मई में पर्यटकों के लिए खुले इस स्थल के अंदर जाने के लिए पर्यटकों को लंबा इंतजार करना पड़ा था। अब सुबह दस बजे से शाम छह बजे तक निश्शुल्क लोग सभ्यता द्वार का दीदार कर सकेंगेे।

सभ्यता द्वार में शनिवार से ही चहल-पहल दिखी। छात्राओं को सूचना मिली तो छुïट्टी के बाद सभी सभ्यता द्वार जुटने लगे। मगध महिला कॉलेज के राजनीति शास्त्र में पीजी कर रहीं पूजा, पुष्पा, आकांक्षा और सिंपल ने बताया कि गेट पर निश्शुल्क प्रवेश देखा तो सभ्यता द्वार देखने के लिए आ गईं। बोलीं-अद्भुत नजारा है। जबसे उद्घाटन हुआ है, तब से देखने की इच्छा थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभ्यता द्वार बनाकर पटना के इतिहास को संजोने का काम किया है। 'सभ्यता द्वार' के गेट संख्या एक से प्रवेश दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सभ्यता द्वार का उद्घाटन 21 मई 2018 को ही किए थे। इसी कैम्पस में बापू सभागार और ज्ञान भवन की सुरक्षा के दृष्टिकोण से रास्ते को लेकर पेंच फंस गया था। इस वजह से आमजन इस आकर्षक स्थल से दूर थे। एएन सिन्हा इंस्टीट्यूट के बगल से जाने का रास्ता बनने में विलंब के कारण गांधी संग्रहालय से सटे सभ्यता द्वार के गेट संख्या एक से प्रवेश दिया जा रहा है। इसी रास्ते से वापस लौटने की व्यवस्था की गई है।

खूबसूरत गार्डेन और रंग-बिरंगी रोशनी

सम्राट अशोक कन्वेंशन केन्द्र कैम्पस में पांच करोड़ रुपये की लागत से 32 मीटर ऊंचे सभ्यता द्वार का निर्माण कराया गया है। यह 12 मीटर लंबा और आठ मीटर चौड़ा है। सभ्यता द्वार के शीर्ष पर चार शेर वाला अशोक स्तंभ बना है। खूबसूरत गार्डेन में रंग-बिरंगी रोशनी और फूल अपनी तरफ आकर्षित कर रहे हैं। सूर्यास्त के बाद यहां का नजारा और भी आकर्षक हो जाता है। सभ्यता द्वार का निर्माण राजस्थान से रेड एंड वाइट सैंड स्टोन मंगाकर किया गया है। भवन निर्माण विभाग ने सभ्यता द्वार के आसपास काफी खूबसूरत गार्डेन बनाया है। गार्डेन भी पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है। यहां घास का बेहतर लॉन बना है।

इंडिया गेट और गेटवे ऑफ इंडिया की तर्ज पर निर्माण

नई दिल्ली के इंडिया गेट और मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया की तर्ज पर पटना में सभ्यता द्वार बनाया गया है। गांधी मैदान के पास स्थित देश के अजूबा भवनों में से एक ज्ञान भवन और बापू सभागार के बीच गंगा किनारे वाले भाग में सभ्यता द्वार का निर्माण किया गया है। चार महापुरुषों की वाणी सभ्यता द्वार पर लिखी गई है। एक तरफ महात्मा बुद्ध और सम्राट अशोक तथा दूसरी तरफ महावीर और मेगास्थनीज की वाणी को स्थान दिया गया है। पटना का लैंडमार्क सभ्यता द्वार बिहार को गौरव दिलाने वाले महापुरुषों की याद दिला रहा है।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021