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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar School News: अब प्रारं​भिक स्कूलों के बच्चे उठाएंगे 'तिथि भोजन' का आनंद, जंक फूड और बासी खाना से मिलेगी निजात

Published: Sat, 06 Jul 2024 09:49 PM (IST)

Patna News सरकारी प्रारंभिक स्कूलों के बच्चे मध्य प्रदेश महाराष्ट्र आंध्र प्रदेश असम पुडुचेरी और पंजाब की तरह मध्याह्न भोजन ...और पढ़ें

बिहार में बच्चे खाएंगे 'तिथि भोजन' (जागरण)
बिहार में बच्चे खाएंगे 'तिथि भोजन' (जागरण)

HighLights

  1. बिहार के सरकारी स्कूल में बच्चों के भोजन को पौष्टिक बनाने की तैयारी
  2. बिहार में इस योजना को 'तिथि भोजन' नाम दिया गया है।
  3. बच्चों को जंक फूड में नूडल्स, चिप्स, चाकलेट और बासी खाना नहीं दिया जाएगा।

जागरण संवाददाता, पटना। Patna News: सरकारी प्रारंभिक स्कूलों के बच्चे मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, असम, पुडुचेरी और पंजाब की तरह मध्याह्न भोजन के अंतर्गत सौ दिन में एक बार विशेष भोजन करेंगे। यह भोजन बच्चों को राज्य के स्थापना दिवस, राष्ट्रीय नायकों की जन्मति​थि, विद्यार्थी या शिक्षक की जन्मति​थि सहित अन्य महत्वपूर्ण तिथियों पर कराया जाएगा।

योजना को तिथि भोजन नाम दिया गया

बिहार में इस योजना को 'तिथि भोजन' नाम दिया गया है। हालांकि, यह योजना बिहार में पहले से लागू है। अब तक समाज के कोई भी प्रतिष्ठित व्यक्ति अपनी जन्मति​थि व अन्य दिवस पर प्रारंभिक स्कूल के बच्चों को भोजन कराया करते थे। अब शिक्षा विभाग ने अन्य प्रदेशों की तरह योजना को विस्तार देने का निर्णय लिया है। योजना को मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में स्नेह भोजन, असम में संप्रीति भोजन, आंध्र प्रदेश व पंजाब में प्रीति भोजन, कर्नाटक में शैलेगगी नावू नीवू और पुडुचेरी में अन्न दानम कहा जाता है।

बच्चों को दिया जाएगा पौष्टिक आहार

स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक में मध्याह्न भोजन के तहत प्रतिदिन का मीनू तय है। इसके अलग हटकर तिथि भोजन के रूप में विशेष दिन चावल, गेहूं से बना खाद्य पदार्थ, फल, दाल-दलिया, पत्तेदार सब्जी से बना हुआ ताजा और पका हुआ भोजन दिया जाएगा। भोजन पौष्टिक और संतुलित होना चाहिए।

जंक फूड और बासी खाना नहीं खाएंगे बच्चे

बच्चों को जंक फूड में नूडल्स, चिप्स, चाकलेट और बासी खाना नहीं दिया जाएगा। योजना के तहत भोजन में छोटे बच्चों को 450 कैलोरी एवं 12 ग्राम प्रोटीन और बड़े बच्चों को सात सौ कैलोरी एवं 20 ग्राम प्रोटीन वाला भोजन दिया जाएगा। बच्चों को भोजन परोसने से पहले शिक्षक या रसोईया पहले चखेंगे। भोजन से पहले हाथ धोने की परंपरा को बढ़ाया दिया जाना चाहिए।

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