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    इंतजार खत्म, जल्द ही स्पीड पकड़ेगी पटना मेट्रो; बोगियों पर दिखेगी बिहार के इतिहास की झलक

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 12:16 AM (IST)

    पटना में मेट्रो सेवा का इंतजार अब खत्म होने वाला है। पहले चरण में न्यू आईएसबीटी से मलाही पकड़ी तक मेट्रो चलेगी। प्रधानमंत्री मोदी सितंबर के तीसरे सप्ताह में हरी झंडी दिखाएंगे जिसके बाद अक्टूबर से आम लोगों के लिए परिचालन शुरू हो जाएगा। मेट्रो की बोगियों को बिहार की सांस्कृतिक विरासत से सजाया जाएगा। सुरक्षा और यात्री सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है।

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    अक्टूबर में आम यात्रियों के लिए पटना मेट्रो की सेवा होगी शुरू। (जागरण)

    जागरण संवाददाता, पटना। राजधानी पटना को मेट्रो की सुविधा मिलने का इंतजार अब खत्म होने वाला है। पटना मेट्रो परियोजना का पहला चरण यानी प्राथमिक कॉरिडोर तेजी से तैयार हो रहा है।

    न्यू आईएसबीटी से मलाही पकड़ी तक लगभग 6.5 किलोमीटर लंबे इस हिस्से में पांच स्टेशन बनाए गए हैं। जिसमें न्यू आइएसबीटी, जीरो माइल, भूतनाथ, खेमनीचक व मलाही पकड़ी शामिल है।

    शुरुआत में न्यू आइएसबीटी से भूतनाथ तक मेट्रो का परिचालन होगा। सितंबर के तीसरे सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 20 से 25 सितंबर के बीच हरी झंडी दिखाएंगे।

    अक्टूबर से आम यात्रियों के लिए परिचालन की तैयारी है। मेट्रो के लिए बिजली आपूर्ति के लिए रिसीविंग सब स्टेशन (आरएसएस) और आक्जिलरी सब स्टेशन (एएसएस) स्थापित किए जा चुके हैं।

    25 केवी ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन और 33 केवी रिंग मेन की जांच पूरी हो चुकी है। सिग्नलिंग सिस्टम और कम्युनिकेशन-बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (सीबीटीसी) की स्थापना से मेट्रो की सुरक्षा और समयबद्धता सुनिश्चित होगी। स्टेशनों पर लिफ्ट, एस्केलेटर और स्वचालित टिकटिंग सिस्टम जैसे कार्य भी लगभग पूरे हो चुके हैं।

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    डाउन लाइन में चल रहा इलेक्ट्रिफिकेशन का कार्य

    न्यू आईएसबीटी से भूतनाथ स्टेशन तक डाउन में अभी विद्युतिकरण का काम चल रहा है। भूतनाथ स्टेशन के पास रोड के दाहिने तरफ आरओबी का निर्माण कार्य चल रहा है। आरओबी को स्टेशन से जोड़ा जाना है।

    वहीं, आईएसबीटी स्टेशन पर प्लेटफार्म संख्या एक से जोड़ने वाले पाथ वे का काम अंतिम चरण में है। वहीं प्लेटफार्म संख्या दो तक पहुंचने के लिए सड़क के दूसरी ओर फूट ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य जारी है।

    ट्रायल रन और समय सीमा

    पटना मेट्रो का पहला ट्रायल रन सितंबर पहले सप्ताह में शुरू होने की संभावना है। यह ट्रायल प्राथमिक कॉरिडोर पर होगा, जिसमें ट्रेन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, सिग्नलिंग और यात्री सुविधाओं की जांच की जाएगी।

    ट्रायल रन तकनीकी टीमों की निगरानी में होगा और इसमें यात्रियों को शामिल नहीं किया जाएगा। कमिश्नर आफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की मंजूरी के बाद, मेट्रो अक्टूबर में आम लोगों के लिए खुल सकती है।

    मेट्रो डिपो की स्थिति रामचक बैरिया में 76 एकड़ में फैला आइएसबीटी मेट्रो डिपो मेट्रो बोगियों के रखरखाव, सफाई और तकनीकी जांच का केंद्र होगा।

    डिपो में 85 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है, जिसमें ट्रैक, वर्कशाप, स्टेबलिंग वे और वाशिंग यूनिट शामिल हैं। डिपो में एक टेस्ट ट्रैक, प्रशासनिक भवन और प्रशिक्षण केंद्र भी बनाया गया है।

    विद्युत आपूर्ति

    बिजली आपूर्ति के लिए 2500 केवीए का सब स्टेशन तैयार है। वर्षा के कारण कुछ देरी हुई, लेकिन डिपो अब ट्रायल रन के लिए पूरी तरह तैयार है। मेट्रो की बिजली आपूर्ति के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी हो चुकी हैं।

    आरएसएस और एएसएस के साथ-साथ 25 केवी ओवरहेड लाइन और 33 केवी रिंग मेन की जांच मुख्य विद्युत निरीक्षक द्वारा की जा चुकी है। ट्रायल रन के साथ बिजली आपूर्ति शुरू हो जाएगी और अक्टूबर में पूर्ण संचालन के लिए यह व्यवस्था पूरी तरह कार्यरत होगी।

    बोगियों में बिहार की सांस्कृतिक झलक

    मेट्रो की बोगियों को बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से सजाने की योजना है। हालांकि, पीएमआरसीएल ने अभी तक विशिष्ट थीम या नामों की घोषणा नहीं की है, लेकिन संभावना है कि बोगियों पर बोधगया, नालंदा विश्वविद्यालय, मिथिला पेंटिंग, वैशाली और बिहार के महान व्यक्तित्व जैसे भगवान बुद्ध, सम्राट अशोक या गुरु गोबिंद सिंह की छवियां और थीम प्रदर्शित होंगी।

    यह कदम बिहार की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देगा और यात्रियों को स्थानीय इतिहास से जोड़ेगा।

    प्राथमिक कॉरिडोर और संचालन 

    पहले चरण में प्राथमिक कॉरिडोर में सबसे पहले न्यू आईएसबीटी, जीरो माइल व भूतनाथ स्टेशन तक चलेगा। यह कॉरिडोर पूरी तरह एलिवेटेड है।

    मेट्रो के संचालन से यात्रियों को सुगम यात्रा का लाभ मिल सकेगा। खेमनीचक और पटना जंक्शन स्टेशन रेड और ब्लू लाइन के लिए इंटरचेंज पाइंट होंगे।

    किराया और यात्री सुविधाएं

    किराया संरचना को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन अनुमान है कि यह 15 रुपये से 60 रुपये के बीच होगा, जो यात्रा की दूरी पर निर्भर करेगा। टिकटिंग के लिए क्यूआर कोड और एनएफसी आधारित स्मार्ट कार्ड का उपयोग होगा।

    यात्री सुविधाएं 

    • सभी स्टेशनों पर लिफ्ट और एस्केलेटर।
    • स्वचालित टिकट काउंटर, डिजिटल सूचना बोर्ड, और पब्लिक एड्रेस सिस्टम।
    • विश्राम क्षेत्र, खानपान स्टाल और खुदरा दुकानें।
    • विकलांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष व्यवस्थाएं।
    • सीसीटीवी, आपातकालीन बटन, और सुरक्षा कर्मी।

    सुरक्षा व्यवस्था

    पटना मेट्रो में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सीबीटीसी सिस्टम के तहत ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) और ऑटोमैटिक ट्रेन सुपरविजन (एटीएस) से ट्रेनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

    स्टेशनों पर सीसीटीवी, फायर अलार्म, और सप्रेशन सिस्टम होंगे। सुरक्षा की जिम्मेदारी संभवतः केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को दी जाएगी, जैसा कि अन्य मेट्रो परियोजनाओं में होता है।

    बिहार पुलिस या निजी सुरक्षा एजेंसियों के साथ संयुक्त व्यवस्था भी संभव है। इस बारे में पीएमआरसीएल जल्द ही स्पष्ट कर सकता है।

    परियोजना का महत्व और भविष्य

    पटना मेट्रो की कुल लागत 13,925.5 करोड़ रुपये है, जिसमें जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए), केंद्र सरकार और बिहार सरकार का योगदान है।

    पटना मेट्रो के दो कॉरिडोर- रेड लाइन (16.86 किमी) और ब्लू लाइन (14.56 किमी) में कुल 24 स्टेशन होंगे। पहले चरण का पूरा संचालन 2027 तक होने की संभावना है।

    स्टेशनवार स्थिति: कहां कितना काम पूरा

    • मेट्रो स्टेशनों पर निर्माण कार्य लगभग अंतिम दौर में है।
    • न्यू आईएसबीटी स्टेशन पर 95 प्रतिशत से ज्यादा सिविल और इलेक्ट्रिकल काम पूरा।
    • जीरो माइल स्टेशन पर 90 प्रतिशत काम हुआ, इलेक्ट्रिकल इंस्टालेशन जारी।
    • भूतनाथ स्टेशन पर 90 प्रतिशत कार्य पूरा, शेष फिनिशिंग चल रही।
    • खेमनीचक (इंटरचेंज स्टेशन) पर 80 प्रतिशत से ज्यादा काम निपट चुका।
    • मलाही पकड़ी स्टेशन पर 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।