Income Tax Department: फर्जी बिल-रसीद पर आयकर रिफंड लेने वालों पर गिरी गाज, पटना-रांची में छापेमारी
पटना में आयकर विभाग ने फर्जी दान रसीदों के जरिए करोड़ों का रिफंड लेने वालों पर शिकंजा कसा है। धारा 80जी के तहत मिलने वाली छूट का गलत इस्तेमाल हो रहा है। लोग नकली रसीदें बनाकर दान का दावा कर रहे हैं। विभाग ने रांची में छापेमारी की है और पटना के करदाताओं से पूछताछ की है। फर्जी दावों पर जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान है।

जागरण संवाददाता, पटना। विभिन्न प्रकार के धमार्थ संस्थाओं के नाम पर फर्जी दान की रसीद लगाकर करोड़ों का रिफंड पाने वालों के खिलाफ आयकर विभाग ने कार्रवाई की है।
आयकर की धारा सेक्शन 80 जी के तहत, पंजीकृत चैरिटेबल ट्रस्ट या संस्थाओं को दान देने पर 50 प्रतिशत या 100 प्रतिशत की टैक्स कटौती मिलती है, जबकि सेक्शन 80 जीजीए वैज्ञानिक रिसर्च या ग्रामीण विकास से जुड़े दान के लिए छूट देता है।
वर्तमान में इसका काफी गलत उपयोग किया जा रहा है। बताया जाता है कि कई लोग नकली चैरिटी रसीदें बनवा कर दान का दावा करते है, लेकिन वास्तविकता में दान नहीं देते हैं।
फर्जी बिल, रसीदें, और बैंक स्टेटमेंट्स पर रिफंड लेने वालों के खिलाफ आयकर विभाग का राष्ट्रीय व्यापी कार्रवाई चल रही है।
इसी क्रम में आयकर विभाग की टीम ने रांची में मुकेश कुमार झा के आवास और कार्यालय पर छापेमारी की। मुकेश कुमार झा ने पटना के भी कई करदाताओं को लाभ पहुंचाया है, आयकर विभाग विभाग के अधिकारियों ने पूछताछ की है।
आयकर विभाग के सूत्रों का कहना है कि फर्जी बिल पर रिफंड लेने वाले लोगों को नोटिस भेजकर बुलाया गया और उनसे पूछताछ की गई। फर्जी दावों पर 200 प्रतिशत पेनाल्टी और 3-7 साल की जेल हो सकती है।
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