कोविड मुआवजे पर पटना हाईकोर्ट का अहम फैसला, अनधिकृत लैब की रिपोर्ट पर भी मिलेगा मुआवजा
पटना हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोरोना महामारी में हुई मौत के मुआवजे का दावा केवल अनाधिकृत लैब से जारी रिपोर्ट के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता।

पटना हाई कोर्ट ने सुनाया फैसला। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
कोरोना मुआवजे का दावा अनाधिकृत लैब रिपोर्ट पर खारिज नहीं।
पटना हाईकोर्ट ने बिहार स्वास्थ्य समिति के आदेश रद्द किए।
मृत्यु प्रमाण पत्र से पुष्टि होने पर मुआवजा मिलेगा।
जागरण संवाददाता, पटना। पटना हाईकोर्ट ने कहा है कि कोरोना महामारी में हुई मौत के मुआवजे का दावा सिर्फ इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता कि मृतक की कोविड जांच रिपोर्ट अनाधिकृत लैब से जारी हुई थी।
न्यायाधीश लोक कुमार की एकलपीठ ने शांति देवी और विनोद कुमार की अलग-अलग रिट याचिकाओं का निष्पादन करते हुए बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के उन आदेशों को निरस्त कर दिया, जिनमें केवल लैब के प्राधिकृत नहीं होने के आधार पर मुआवजे के दावे खारिज किए गए थे।
अदालत ने समिति को दोनों आवेदनों पर पुनर्विचार कर नए सिरे से आदेश पारित करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के गौरव बंसल बनाम केंद्र सरकार मामले में जारी दिशा-निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि मृत्यु प्रमाणपत्र और अस्पताल के दस्तावेजों से कोरोना संक्रमण के कारण मौत की पुष्टि होने पर केवल जांच लैब के प्राधिकृत नहीं होने के आधार पर मुआवजे का दावा खारिज नहीं किया जा सकता।
