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    स्कूल बना नशे का अड्डा: गुलजारबाग राजकीय हाईस्कूल में स्मैक-गांजा-शराब, बच्चे और शिक्षक खौफ में

    Updated: Tue, 02 Dec 2025 12:01 AM (IST)

    प्रधानाध्यापक अनिल कुमार से लेकर सभी शिक्षकों एवं कर्मियों ने बताया कि विद्यालय में सक्रिय नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों के कारण सभी डरे सहमे रहते हैं। ...और पढ़ें

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    पटना के एक हाई स्कूल पर नशेड़ियों का कब्जा। फोटो जागरण

    जागरण संवाददाता, पटना सिटी। अनुमंडल कार्यालय, एसडीओ आवास, डीएसपी-प्रथम कार्यालय, आलमगंज थाना, गुलजारबाग पोस्ट आफिस, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के करीब भद्रघाट में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, गुलजारबाग है।

    गुलजारबाग सरकारी प्रेस से सटे वर्ष 1958 में स्थापित यह बालक विद्यालय नशेड़ियों की गिरफ्त में है। विद्यालय में प्रवेश द्वार से लेकर अंदर तक स्मैक, गांजा, शराब, अफीम, चरस, सुलेसन, नशीली दवाइयों समेत सभी तरह के नशे का खुलेआम सेवन दिन-रात होता है।

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    इन नशेड़ियों के खौफ से यहां के शिक्षक से लेकर विद्यार्थी तक डरे सहमे हैं। विद्यालय में दर्जनभर से अधिक बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। आश्चर्य यह है कि प्रशासन से लेकर पुलिस स्तर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

    प्रधानाध्यापक अनिल कुमार से लेकर सभी शिक्षकों एवं कर्मियों ने बताया कि विद्यालय में सक्रिय नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों के कारण सभी डरे सहमे रहते हैं। दर्जनभर बार विद्यालय के कार्यालय, कंप्यूटर कक्ष, प्रयोगशाला, स्मार्ट क्लास, क्लास रूम से फाइल, पंखा, कंप्यूटर व अन्य सामान चोरी हो चुके हैं।

    हर बार प्राथमिकी कराई गई लेकिन नशेड़ियों का खौफ आज भी बरकरार है। यहां कार्यरत आधी से अधिक महिला शिक्षक व कर्मी संभावित खतरे से डरी-सहमी रहती हैं। विभाग को भी सूचित किया गया है।

    राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गुलजारबाग में प्रवेश के लिए गुलजारबाग प्रेस की ओर का गेट बंद रहता है। अशोक राजपथ से नजदीक होने के कारण शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुलजारबाग के रास्ते विद्यालय में सभी आते-जाते हैं।

    विद्यालय गेट के समीप स्वास्थ्य केंद्र का खंडहर कमरा है। यह नशेड़ियों के कब्जे में है।विद्यालय में प्रवेश करते ही दाहिनी ओर खंडहर हो चुके स्टाफ क्वार्टर का हर कमरा नशेड़ियों का सुरक्षित ठिकाना है।

    शिक्षकों ने बताया कि बिना किसी डर-भय के असामाजिक तत्व विद्यालय के समय में भी नशा करते हैं। यहां सेवन के बाद नशीली चीजों का ढेर लगा है। इस क्वार्टर के ठीक सामने प्रधानाध्यापक का कार्यालय है। सामने के मुख्य भवन और बगल में क्लास रूम। शिक्षक कक्ष, कंप्यूटर कक्ष, प्रयोगशाला आदि है।