पटना में दो विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थापित करने की तैयारी, अब बिहार में उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
बिहार में दो विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) बनेंगे जिनमें निर्यात-उन्मुख औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी। बियाडा ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 109 करोड़ और 116 करोड़ रुपये के प्रस्ताव भेजे हैं। इन एसईजेड को पिछले साल मंजूरी मिली थी और इनका उद्देश्य रोजगार सृजन और निर्यात को बढ़ावा देना है। सरकार पीएम गति शक्ति योजना के तहत इनका विकास करेगी।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में बनने वाले दो विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) में उन औद्योगिक इकाइयों को जगह मिलेगी जो निर्यात को ध्यान में रखकर अपने उत्पाद तैयार करेंगी।
दोनों एसईजेड में आधारभूत संरचना विकसित करने के लिए बियाडा की तकनीकी समिति ने प्रशासनिक स्वीकृति के लिए 109 करोड़ और 116 करोड़ रुपये का प्राक्कलन बियाडा बोर्ड को भेजा है।
पिछले साल जुलाई में बिहार के लिए दो एसईजेड को मंजूरी दी गई थी पिछले साल 31 जुलाई को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बिहार के लिए दो एसईजेड को अपनी मंजूरी दी थी। एक एसईजेड बक्सर के नवानगर और एक पश्चिम चंपारण के कुमार बाग में बनाया जाना है।
कुमारबाग एसईजेड पिछले साल पांच नवंबर को अधिसूचित किया गया था। बक्सर के नवानगर विशेष आर्थिक क्षेत्र को 19 नवंबर को अधिसूचित किया गया था। दोनों एसईजेड को औद्योगिक क्षेत्र में जमीन उपलब्ध करा दी गई है।
टीम ने एसईजेड के संचालन की व्यवस्था का अध्ययन
उद्योग विभाग ने एसईजेड के संचालन की पूरी व्यवस्था को समझने के लिए पिछले साल दिसंबर में अपनी तीन सदस्यीय टीम मुंबई भेजी थी। टीम ने एसईजेड के प्रबंधन की प्रक्रियाओं का अध्ययन किया था। इसके बाद इस साल जनवरी में एक टीम नोएडा एसईजेड भेजी गई थी।
पीएम गति शक्ति योजना के तहत एसईजेड का विकास
पीएम गति शक्ति योजना के तहत एसईजेड का विकास किया जाना है। इसके लिए उद्योग विभाग ने इस साल मार्च में बजट उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भेजा था। यह काम जल्द हो सके, इसे ध्यान में रखते हुए बियाडा ने अपने फंड से एसईजेड के लिए आधारभूत संरचना विकसित करने का काम आगे बढ़ाने का फैसला किया।
बाद में यह राशि केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय से प्राप्त की जाएगी। आधारभूत संरचना विकसित करने के लिए नवानगर के लिए 109 करोड़ रुपये और कुमारबाग एसईजेड के लिए 116 करोड़ रुपये का बजट है।
SEZ क्या है और इसके क्या है लाभ?
SEZ यानी विशेष आर्थिक क्षेत्र एक अधिसूचित क्षेत्र है, जहां उद्योग लगाने के लिए अन्य क्षेत्रों की तुलना में कुछ उदार कानून हैं। SEZ की स्थापना मुख्य रूप से निर्यात क्षेत्र में काम करने वाले उद्यमियों को आकर्षित करने के लिए की जाती है। खास तौर पर आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और ऑटो पार्ट्स के उत्पादन में लगी इकाइयों को प्राथमिकता दी जाती है। SEZ का लाभ यह है कि इसके जरिए बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन होता है।
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