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Bihar Expressway: बिहार में दो एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू, यहां देखें रूट चार्ट

Published: Fri, 03 Oct 2025 08:32 PM (IST)

पटना गोरखपुर-सिलीगुड़ी और रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे के बिहार में निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू हो गया है। पथ निर्माण मंत्री ...और पढ़ें

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फाइल फोटो)
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू |
  2. बिहार के कई जिलों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे |
  3. सरकार की तीव्र गति से कार्य पूर्ण करने की प्रतिबद्धता |

राज्य ब्यूरो, पटना। गाेरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे तथा रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस वे के बिहार हिस्से में निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आरंभ हो गयी है। पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने शुक्रवार को इस आशय की जानकारी दी।

पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने बताया कि स्वीकृत मार्गरेखन के अनुसार गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे बिहार के आठ जिलों क्रमश: पश्चिमी चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया एवं किशनगंज जिले से गुजर रही है।

इसकी लंबाई बिहार में 476 किमी है। इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण हेतु लगभग 2941 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।

इसके लिए भू-अर्जन हेतु सक्षम प्राधिकार काला की नियुक्ति के उपरान्त भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा सभी जिलों में भूमि अधिग्रहण हेतु अधियाचना समर्पित की गयी है।

पथ निर्माण मंत्री ने रक्सौल हल्दिया एक्सप्रेस-वे के संबंध में बताया गया कि स्वीकृत मार्गरेखन के अनुसार यह एक्सप्रेस-वे राज्य के नौ जिलों क्रमश: पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर और बांका से गुजर रही।

इसकी लंबाई बिहार में 407 किमी है। इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण हेतु लगभग 2900 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।

पथ निर्माण मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इन दोनों एक्सप्रेस-वे के निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई तीव्र गति से पूर्ण करने के लिए कटिबद्ध है।

सभी जिलों में तीव्रगति से भू-अर्जन हेतु सहायक भू-अर्जन पदाधिकारी को पदस्थापित किया गया है। परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने हेतु भू-अर्जन कार्य की राज्य सरकार द्वारा सघन अनुश्रवण करने का निर्णय लिया गया है। अगले दो माह में इस परियोजना हेतु भूमि अधिग्रहण का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।