यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सौर ऊर्जा से संचालित होगा राज्य का सबसे बड़ा दीघा एसटीपी, 4 चैंबरों में शुद्ध होगा गंदा पानी
पटना के दीघा में बन रहा राज्य का सबसे बड़ा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) सौर ऊर्जा से संचालित होगा। 100 ...और पढ़ें

HighLights
- दीघा एसटीपी सौर ऊर्जा से संचालित |
- 100 एमएलडी क्षमता का ट्रीटमेंट प्लांट |
- गंगा में गिरने वाले गंदे पानी पर रोक |
नीरज कुमार, पटना। दीघा में बनने वाला राज्य का सबसे बड़ा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) सौर ऊर्जा से संचालित होगा। इस एसटीपी का निर्माण अंतिम चरण में हैं। इसकी क्षमता 100 एमएलडी निर्धारित की गई है। इसी एसटीपी में कुर्जी नाला, राजापुर एवं मंदिरी नाले के पानी को शुद्ध किया जाएगा।
इसका नेटवर्क एरिया लगभग 300 किलोमीटर होगा। इसका निर्माण बिहार राज्य शहरी आधारभूत संरचना निगम (बुडको) द्वारा किया जा रहा है। यहां पर प्रतिदिन चार से पांच मेगावाट बिजली उत्पादित की जाएगी।
यह राज्य का पहला एसटीपी होगा जो सौर ऊर्जा से संचालित किया जाएगा।
अगले तीस वर्षों के लिए बन रहा दीघा एसटीपी
चार चैंबरों में शुद्ध होगा गंदा पानी
किसान सिंचाई के लिए कर सकते हैं पानी का उपयोग
दीघा में राज्य के सबसे बड़े एसटीपी का निर्माण किया जा रहा है। इस एसटीपी का निर्माण अंतिम चरण में है। इसकी क्षमता 100 एमएलडी प्रतिदिन है। दीघा एसटीपी तैयार होने के बाद गंगा में गिरने वाले गंदे पानी को रोकने में काफी मदद मिलेगी। - अनिमेश कुमार पराशर, एमडी, बुडको
