Patna News: बदल गया पटना एयरपोर्ट, उद्घाटन से पहले सामने आई एक और बड़ी जानकारी; ध्यान से पढ़ लें यात्री
पटना एयरपोर्ट अब नया और विशाल हो गया है। 1200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस नए टर्मिनल का उद्घाटन प्रधानमंत्री करेंगे। यात्रियों का आवागमन 5 जून से शुरू होगा। टर्मिनल में यात्रियों को कई नई सुविधाएं मिलेंगी जैसे कि मल्टीलेवल पार्किंग और आधुनिक चेक-इन काउंटर। अराइवल हाल में बिहार की संस्कृति की झलक मिलेगी जिसमें छठ पूजा और मधुबनी कला की पेंटिंग शामिल हैं।

जागरण संवाददाता, पटना। पटना एयरपोर्ट पूरी तरह बदल गया है। यह भव्य और विशाल दिखने लगा है। नए निर्माण पर 1200 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
अब पटना एयरपोर्ट टर्मिनल का क्षेत्रफल 12 हजार से बढ़कर 65 हजार वर्गफीट हो जाएगा। बड़े शहरों की तरह आगमन भूतल पर और प्रस्थान प्रथम तल पर होगा।
750 वाहनों की क्षमता वाली मल्टीलेवल पार्किंग है। यहां ट्रेवलेटर और कनेक्टिंग ब्रिज के माध्यम से यात्री टर्मिनल में प्रवेश सकेंगे। टर्मिनल में अधिक जगह होने से कई सुविधाएं भी यात्रियों को मिलेंगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 29 मई को पटना एयरपोर्ट (जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा) के नए टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे।
हालांकि, यात्रियों का आवागमन पांच जून से शुरू होगा। अभी टर्मिनल भवन से ही यात्रियों की आवाजाही जारी रहेगी।
उद्घाटन के बाद एयरपोर्ट में प्राधिकरण और विमानन कंपनियों के कार्यालय, चेकइन काउंटर, एक्सरे मशीनें आदि शिफ्ट की जाएंगी। इन्हें चार जून तक शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया है।
पुराने टर्मिनल भवन की जगह पार्किंग-बे
नए टर्मिनल से यात्रियों की आवाजाही शुरू होने के बाद पुराने भवन को ध्वस्त किया जाएगा। वहां विमानों के लिए पार्किंग-बे होगा। उस स्थान पर 11 विमान खड़े हो सकेंगे।
वर्तमान में 21 चेकइन काउंटर हैं, जबकि नए टर्मिनल में इनकी संख्या 64 हो जाएगी। बोर्डिंग पास जारी करने वाली मशीनें भी लगेंगी।
जिन यात्रियों ने वेब चेकइन नहीं किया और हैंड बैग के साथ एयरपोर्ट आए वे मशीन से बोर्डिंग पास निकाल सकते हैं। वहीं, लगेज लेकर आने वाले यात्री काउंटर से बोर्डिंग पास प्राप्त कर सकेंगे।
यात्रियों को कई सुविधाएं मिलेंगी
बड़े शहरों के हवाईअड्डों की तरह पटना में भी टर्मिनल पर यात्रियों को कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी। अभी कुर्सी पर बैठकर फ्लाइटों का इंतजार करना पड़ता है।
नए टर्मिनल में रीक्लाइनिंग सीट भी होंगी, जिससे समय से पहले पहुंचे यात्रियों को सुविधा होगी। पांच एयरोब्रिज भी होंगे। साथ ही अलग-अलग मंजिलों से आगमन और प्रस्थान कराया जाएगा।
इसके अलावा 13 बोर्डिंग गेट होंगे। इनमें आठ भूतल और पांच प्रथम तल पर होंगे। यही पांच एयरोब्रिज बनाए गए हैं। कन्वेयर बेल्ट की संख्या चार हो जाएगी।
सूत्रों की मानें तो पुराने टर्मिनल को ध्वस्त किए जाने तक अभी एयरोब्रिज से ही यात्रियों का आना-जाना होगा। यह प्रक्रिया दो-तीन महीने तक चलेगी।
सूत्रों की मानें तो पीछे की तरफ से भवन में छोटे-मोटे कुछ काम अब भी बाकी हैं, जिन्हें पूरा होने में एक वर्ष का समय लग सकता है। इन कार्यों के जारी रहने से यात्रियों के आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
फ्लाइट से उतरते ही दिखेगी बिहार की झलक
विमान से उतरने के बाद अराइवल हाल में प्रवेश करने पर यात्रियों को बिहार की झलक दिखेगी। यात्रियों की नजर सबसे पहले जिस दीवार पर जाएगी, उस पर महापर्व छठ की पेंटिंग पर बनाई गई है।
इसमें अर्घ्य देने वाले छठव्रतियों के समूह को दर्शाया गया है। इसके अलावा भगवान बुद्ध की पेंटिंग है। मधुबनी कला का भी बेहतर प्रदर्शन किया गया है, जो आकर्षण का केंद्र होगा।
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