Bihar: ललन सिंह ने कुशवाहा के बयान को नकारा, बोले- JDU का कोई नेता BJP के संपर्क में नहीं; जो थे वो चले गए
JDUs Internal Politics बिहार जदयू नेताओं के बयानों से पार्टी के अंदर घमासान मचा हुआ है। हाल ही में उपेंद्र कुशवाहा ने बिना नाम लिए पार्टी के नेता के बीजेपी से मिले होने की बात कही थी। इस पर ललन सिंह ने प्रतिक्रिया दी है।

पटना, राज्य ब्यूरो: जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की टिप्पणी (मेरी पार्टी में जो जितना बड़ा नेता, वह उतना ही भाजपा के संपर्क में ) को खारिज करते हुए कहा- जदयू का कोई नेता भाजपा के संपर्क में नहीं है, जो थे वे (आरसीपी सिंह) चले गए।
सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में सिंह ने कहा कि उन्हें कुशवाहा की जदयू से नाराजगी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कभी कोई समस्या रखी तो उसका निराकरण किया गया। उनके साथ आए रालोसपा के नेताओं-कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया। उपेंद्र कुशवाहा ने मुख्यमंत्री से जब कभी समय मांगा, तुरंत दिया गया। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष के इस आंकलन से भी असहमति व्यक्त की कि जदयू कमजोर हो रहा है।
पार्टी की सदस्यता में अपना योगदान बताएं कुशवाहा: ललन सिंह
ललन सिंंह ने कहा कि हम कुढ़नी उप चुनाव में हारे, लेकिन हमें 72 हजार वोट मिले। उप चुनाव में उम्मीदवार चयन में हुई भूल के कारण यह हार मिली। क्योंकि क्षेत्र में हमारे उम्मीदवार के प्रति काफी नाराजगी थी। वोटरों के सामने कई बार मैंने माफी मांगी। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ता उत्साहित हैं। पूरी ऊर्जा के साथ काम कर रहे हैं। बिना उनके प्रयास से जदयू के सदस्यों की संख्या 75 लाख पार नहीं करती।
सिंह ने कहा कि रालोसपा से आए नेताओं-कार्यकर्ताओं को सदस्यता बनाने के लिए रसीद बही दी गई थी। अब कुशवाहा विचार कर बताएं कि 75 लाख की सदस्यता में उनका कितना योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा महात्मा ज्योति बा फूले परिषद के बैनर पर कार्यक्रम कर रहे थे। उनसे कहा गया कि वे कार्यक्रम करें, लेकिन कार्यक्रम की अध्यक्षता जदयू के जिलाध्यक्ष करें। संचालन की जिम्मवारी परिषद के अध्यक्ष के पास रहे। सिंह ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा ने कभी उनसे पार्टी से नाराजगी की चर्चा नहीं की।
हमने किसी पर भाजपा के संपर्क में होने का आरोप नहीं लगाया: उपेंद्र
जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उन्होंने भाजपा से संपर्क रखने वाले जदयू के किसी नेता का नाम नहीं लिया न ही मिलने का आरोप लगाया है। लेकिन अस्पताल में भर्ती रहने के समय उनके बारे में जिस तरह से चर्चा हो रही थी, उससे जुड़े सवाल पर ही कहा था- मेरी पार्टी में जो जितना बड़ा नेता, वह उतना ही भाजपा के संपर्क में। उन्होंने स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनके जदयू में आने-जाने के बारे में जिस अंदाज में कहा था, उससे पीड़ा हुई।
उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने जब कभी मुख्यमंत्री से मिलने की इच्छा प्रकट की, तुरंत समय मिल गया। हां, वह आज भी इस विचार पर कायम हैं कि पार्टी कमजोर हो रही है। इसे मजबूत करने की जरूरत है। कुशवाहा ने इशारे में कहा कि वह दल में अपनी वर्तमान भूमिका से संतुष्ट नहीं हैं। मैं दो साल से पवेलियन में बैठा हूं। खेलने के अवसर की प्रतीक्षा कर रहा हूं। इसके बाद भी पार्टी नेतृत्व के प्रति कोई नाराजगी नहीं है। हम पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं। इसके बाद हमारी भूमिका पर संदेह किया जाए तो यह अच्छा नहीं लगता है।
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