नीतीश कुमार के काफिले के लिए रोकी एंबुलेंस, घंटेभर तड़पता रहा मासूम; विनती करने पर भी पुलिस का नहीं पसीजा दिल
CM Nitish Kumar मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का काफिला पार कराने के लिए शुक्रवार को लगभग आधा घंटे तक एक एंबुलेंस को रोके रखा गया। मामला फतुहा-दनियावां एनएच पर रेलवे ओवर ब्रिज के समीप का है। एबुलेंस चालक धनंजय सिंह ने बताया कि वह फतुहा अस्पताल से एक बीमार बच्चे को लेकर पटना के अस्पताल जा रहा था। इसी दौरान यह सब हुआ।

संवाद सूत्र, फतुहा (पटना) : बिहार में पुलिस का अमानवीय चेहरा देखने को मिला है। यहां पुलिस ने मौत से जूझ रहे मासूम बच्चे की जिंदगी की चिंता नहीं की। पुलिस ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के काफिले के लिए एक एंबुलेंस को करीब आधा घंटे तक रोके रखा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का काफिला पार कराने के लिए शुक्रवार को फतुहा-दनियावां एनएच पर रेलवे ओवर ब्रिज के समीप वाहनों को रोका गया, जिसमें लगभग आधा घंटे तक एक एंबुलेंस को भी रोके रखा गया। एंबुलेंस में एक बीमार बच्चा था।
स्वजन एंबुलेंस को आगे जाने देने का करते रहे आग्रह
इससे बीमार बच्चे को लेकर पटना जा रहे स्वजन अनहोनी को लेकर आशंकित और परेशान रहे। बीमार बच्चे के स्वजन सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों से बार-बार एंबुलेंस को आगे जाने देने की अनुमति देने का आग्रह करते रहे, लेकिन उनका दिल नहीं पसीजा।
पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले के दौरान एक एम्बुलेंस को 2 घंटे से अधिक समय के लिए रोक दिया गया। एम्बुलेंस में महिलाएं एक बच्चे को अस्पताल ले जा रही थीं। #Bihar #nitishkumar pic.twitter.com/ijlS6ESxG2
— Versha Singh (@Vershasingh26) September 30, 2023
जब तक मुख्यमंत्री का काफिला पार नहीं हुआ, तब तक एंबुलेंस रोके रखी गई। एबुलेंस चालक धनंजय सिंह ने बताया कि वह फतुहा अस्पताल से एक बीमार बच्चे व उसके स्वजन को लेकर पटना के अस्पताल जा रहा था।
इसी दौरान मुख्यमंत्री शुक्रवार की सुबह लगभग 11 बजे एक इथेनाल प्लांट का उद्घाटन करने फतुहा-दनियावां एनएच के रास्ते पटना से नालंदा जा रहे थे।
नियमानुसार, किसी भी स्थिति में किसी रोगी को ले जा रही एंबुलेंस को रोका नहीं जाता है। यह आपराधिक कृत्य के दायरे में आता है। देखने योग्य बात होगी कि इस मामले में दोषी पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।
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