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    खुशखबरी! बिहार के इस जिले में 1000 करोड़ का ऋण बांटेंगी निर्मला सीतारमण, इच्छुक लोगों को मिलेगी मदद

    Updated: Fri, 18 Oct 2024 07:11 PM (IST)

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 18 और 19 नवंबर को दरभंगा में क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम के तहत लगभग 1000 करोड़ रुपये का ऋण वितरित करेंगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वरोजगार को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम स्टैंडअप इंडिया एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा पीएम स्वनिधि और जीविका आदि योजनाओं के लिए ऋण दिया जाएगा।

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    दरभंगा में 1000 करोड़ का ऋण बांटेगी निर्मला। फाइल फोटो- ANI

    राज्य ब्यूरो, पटना। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) छह माह के अंतराल के बाद एक बार फिर बिहार आने वाली हैं। इस बार वे दरभंगा में होंगी। वहां 18 और 19 नवंबर को क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 1000 करोड़ का ऋण वितरण होने वाला है। उसकी शुरुआत निर्मला के हाथों होगी। इस कार्यक्रम मेंं पात्र व इच्छुक व्यक्तियों को मौके पर ही ऋण दिया जाता है।

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    इच्छुक लोगों को सहजता से ऋण प्राप्त हो सके, इसके लिए क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम का संचालन हो रहा। इसका उद्देश्य स्वरोजगार के साथ क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। इसके लिए केंद्रीय मंत्री और अधिकारी देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर ऋण वितरण करते हैं।

    प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, स्टैंडअप इंडिया, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा पीएम स्वनिधि और जीविका आदियोजनाओं के लिए ऋण दिया जाता है। बहरहाल, दरभंगा के कार्यक्रम में सहयोग की अपेक्षा के साथ वित्त मंत्रालय में सचिव (वित्तीय सेवाएं) एम नागराजू ने बिहार सरकार को पत्र लिखा है। उन्होंने उन विभागों के साथ तालमेल बिठाने का आग्रह किया है, जो ऋण वितरण में सहायक हो सकते हैं।

    पीएम गतिशक्ति का दृष्टिकोण निवेश आकर्षित करने में मदद करेगा : नीतीश मिश्रा

    पटना में गुरुवार को पीएम गतिशक्ति पूर्वी क्षेत्र जिला स्तरीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बिहार, ओडिशा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के 44 जिलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्घाटन उद्योग सह पर्यटन मंत्री नीतीश मिश्रा ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पीएम गतिशक्ति का दृष्टिकोण निवेश आकर्षित करने में मदद करेगा।

    उद्योग मंत्री ने कहा कि सभी हितधारकों को सामूहिक रूप से 2047 तक विकसित भारत विजन को प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने राज्यों, विभिन्न विभागों व जिले के अधिकारियों को डेटा संचालित निर्णय लेने के लिए पीएम गतिशक्ति के राष्ट्रीय मास्टर प्लान का लाभ उठाने का आग्रह किया।

    'नेटवर्किंग प्लानिंग ग्रुप ने 213 परियोजनाओं का मूल्यांकन किया'

    डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव ई. श्रीनिवासन ने इस बात पर जोर दिया कि पीएम गतिशक्ति का राष्ट्रीय मास्टर प्लान देश की विकास की आधारशिला बन गया है। उन्होंने कहा कि इस बाबत नेटवर्किंग प्लानिंग ग्रुप ने 213 परियोजनाओं का मूल्यांकन किया है।

    उद्योग विभाग की सचिव वंदना प्रेयशी ने कहा कि इसके पोर्टल में वन और भूमि जैसे मामलों में मंजूरी की प्रक्रिया को पूरी तरह से सुव्यवस्थित करने की क्षमता है। इससे प्रशासनिक दक्षता मेे सुधार होगा। कार्यक्रम में सहयोग और बेहतर योजना बनाने के लिए नीति आयोग की आकंक्षी जिले के कार्यक्रम के साथ भू स्थानिक तकनीक और क्षेत्र विकास का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया।

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