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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Nirbhaya Case: दोषी अक्षय की फांसी रुकवाने के लिए पत्नी का पैंतरा फेल, सिंदूर लगाया था दांव पर

By Kajal KumariEdited By:
Published: Tue, 17 Mar 2020 12:39 PM (IST)Updated: Thu, 19 Mar 2020 01:14 PM (IST)

निर्भया केस के आरोपी अक्षय ठाकुर की पत्नी ने कोर्ट में तलाक का आवेदन दिया है और कहा है कि ...और पढ़ें

Nirbhaya Case: दोषी अक्षय की फांसी रुकवाने के लिए पत्नी का पैंतरा फेल, सिंदूर लगाया था दांव पर
Nirbhaya Case: दोषी अक्षय की फांसी रुकवाने के लिए पत्नी का पैंतरा फेल, सिंदूर लगाया था दांव पर

पटना, जेएनएन। Nirbhaya Case: दिल्ली के चर्चित निर्भया कांड के दोषी बिहार के लहंग कर्मा गांव के रहनेवाले अक्षय ठाकुर की पत्नी पुनीता ने औरंगाबाद परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश रामलाल शर्मा के न्यायालय में तलाक की अर्जी दी है और कहा है कि मैं उसकी विधवा के रूप में अपना जीवन नहीं जी सकती। इस मामले में आज होनेवाली सुनवाई अब 24 मार्च को होगी, क्योंकि कोर्ट ने कहा है कि सुनवाई के समय पुनीता को कोर्ट में सशरीर उपस्थित होना होगा। 

तलाक की अर्जी से फांसी रोकने की कोशिश 

लीगल अधिकारियों के मुताबिक तलाक की अर्जी पेंडिंग होने के बावजूद अक्षय की कल होनेवाली फांसी नहीं टल सकती। अक्षय की पत्नी ने तलाक की अर्जी इसलिए लगाई होगी, ताकि फांसी को रोका जा सके। लेकिन कानून कहता है कि तलाक की वजह से दोषियों की फांसी की तारीख आगे नहीं बढ़ाई जा सकती।

दबी जुबान औरंगाबाद के अधिवक्ताओं का कहना है कि तलाक की यह अर्जी भी कानूनी दांव-पेच का एक हथकंडा ही है। यह अक्षय की फांसी को टलवाने की एक साजिश है। अक्षय की पत्नी, पुनीता के वकील मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि पीडि़त महिला को विधिक अधिकार है कि वह हिंदू विवाह अधिनियम के तहत कुछ खास मामलों में तलाक ले सकती है। उसमें दुष्कर्म का मामला भी शामिल है।

अगर दुष्कर्म के मामले में किसी महिला के पति को दोषी ठहरा दिया जाता है, तो वह तलाक के लिए अर्जी दायर कर सकती है। 

20 मार्च की सुबह होनी है चार दोषियों को फांसी

निर्भया कांड में जिन चार दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई है, उसमें बिहार के औरंगाबाद जिले के नबीनगर प्रखंड का अक्षय ठाकुर भी शामिल है। निर्भया के सभी दोषियों विनय शर्मा, अक्षय ठाकुर, पवन गुप्ता और मुकेश को 20 मार्च की सुबह साढ़े पांच बजे फांसी दी जानी है।

अक्षय ठाकुर की पत्नी ने कहा-उसकी विधवा बनकर नहीं रह सकती

अक्षय की पत्नी पुनीता ने कोर्ट में दी गई अपनी अर्जी में कहा है कि उनके पति को निर्भया के दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया गया है और उन्हें कोर्ट के फैसले के बाद अब फांसी दी जानी है। अक्षय ठाकुर की पत्नी का कहना है कि मेरे पति निर्दोष हैं, ऐसे में मैं उनकी विधवा बन कर नहीं रहना चाहती। इसलिए उसे अपने पति से तलाक चाहिए।

बता दें कि इस मामले में 19 मार्च को सुनवाई की तिथि तय की गयी थी जो अब टल गई है। अब पुनीता दिल्ली अक्षय ठाकुर की फांसी से पहले उससे मिलने पहुंची है। मालूम हो कि अक्षय ठाकुर सहित निर्भया के चारों दोषियों को 20 मार्च के अहले सुबह फांसी दी जाएगी। इसके लिए तिहाड़ जेल ने अपनी सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं। 

तीन दोषियों ने अंतरराष्ट्रीय अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है

गौरतलब है कि निर्भया के चार दोषियों में से तीन अक्षय सिंह, पवन गुप्ता, और विनय शर्मा ने अब अंतरराष्ट्रीय अदालत (ICJ) का दरवाजा भी खटखटाया है और इस मामले में दोषियों के वकील एपी सिंह ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय अदालत को पत्र लिखा है।

पत्र में 20 मार्च की होने वाली फांसी पर रोक लगाने की भी मांग की गई है। साथ ही मांग की है कि निचली अदालत के सभी रिकॉर्ड अदालत अपने पास मंगाए ताकि वो अपना पक्ष अंतरराष्ट्रीय अदालत में रख सकें।