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Bihar MLC चुनाव में बागियों पर BJP-RLM का हंटर, क्या अब अनंत सिंह पर एक्शन लेगी JDU?

Published: Wed, 14 Oct 2026 08:26 PM (IST)

एनडीए में विधान परिषद चुनाव को लेकर बागियों पर कार्रवाई तेज हो गई है, भाजपा और रालोमो ने अपने नेताओं पर शिकंजा कसा है।

Bihar MLC चुनाव में बागियों पर BJP-RLM का हंटर, क्या अब अनंत सिंह पर एक्शन लेगी JDU?

Bihar MLC चुनाव में बागियों पर BJP-RLM का हंटर, क्या अब अनंत सिंह पर एक्शन लेगी JDU?

HighLights

  1. भाजपा ने सारण के दो कार्यकर्ताओं को निलंबित किया।

  2. रालोमो ने प्रदेश महासचिव और प्रवक्ता को पार्टी से निकाला।

  3. जदयू विधायक अनंत सिंह पर कार्रवाई का इंतजार।

राज्य ब्यूरो, पटना। विधान परिषद की स्नातक एवं शिक्षक चुनाव को लेकर एनडीए में बागियों एवं पार्टी विरोधी गतिविधियों में सम्मिलित नेताओं के विरुद्ध कार्रवाई तेज हो गई है।

गठबंधन धर्म की अनदेखी करने वाले दो वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को भाजपा ने शिकंजा कसने के साथ ही राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) ने पार्टी के प्रदेश महासचिव एवं प्रवक्ता को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया, लेकिन जदयू में पार्टी के घोषित प्रत्याशी के विरुद्ध निरंतर बागी तेवर दिखा रहे विधायक अनंत सिंह के विरुद्ध किसी तरह के पहल की एनडीए नेताओं के मध्य प्रतीक्षा है।

JDU पर टिकी नजर

सहयोगी दलों की इस कार्रवाई के बीच अब जदयू के कदम पर नजर टिकी हैं। जसुपा प्रत्याशी के समर्थन में उतरे जदयू विधायक अनंत सिंह के विरुद्ध अब तक कार्रवाई नहीं होने से एनडीए में जदयू की चुप्पी तरह-तरह की चर्चा हो रही है।

भाजपा की कार्रवाई के दायरे में आए दोनों कार्यकर्ता सारण शिक्षक सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। इसमें सारण के राहुल सिंह एवं सिवान के रमेंद्र राय का नाम सम्मिलित है। भाजपा के प्रदेश मुख्यालय प्रभारी अक्षय कुमार ने दोनों कार्यकर्ताओं के निलंबन से संबंधित आदेश सोमवार को जारी कर दिया।

पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए दोनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की है। इस कदम के जरिए भाजपा ने स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी के निर्णय और अधिकृत प्रत्याशियों के विरुद्ध जाकर चुनाव लड़ने वालों को संगठन में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विदित हो की एनडीए में सारण शिक्षक सीट पर जदयू के प्रत्याशी आनंद पुष्कर चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में भाजपा पार्टी के इन दोनों नेताओं के निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने से संगठन के भीतर अनुशासन को लेकर सवाल उठे थे। भाजपा में संगठनात्मक अनुशासन को चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जाता है।

उधर, रालोमो के बागी राम पुकार सिन्हा के समर्थन में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सहित तीन विधायक (आलोक सिंह, माधव आनंद एवं रामेश्वर महतो) चुनाव प्रचार में ताल ठोंक रहे हैं। इसे लेकर भी तरह-तरह की चर्चा हो रही है।

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