यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: एनडीए में सीट बंटवारे का फार्मूला तैयार! उपचुनाव का रिजल्ट निभाएगा अहम रोल
एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा जारी है। पिछले चार सालों में हुए उपचुनाव के नतीजों के आधार पर ...और पढ़ें

HighLights
- उपचुनाव के नतीजों से सीट शेयरिंग |
- जदयू का पलड़ा भारी दिखता है |
- भाजपा कई सीटों पर कर सकती है दावा |
भुवनेश्वर वात्स्यायन, पटना। सीट शेयरिंग में अभी देरी है पर विधानसभा की दस सीटों पर एनडीए में विगत चार वर्षों के दौरान हुए उप चुनाव का परिणाम ही बड़ा फैक्टर रहेगा।
इस परिणाम के आधार पर ही यह लगभग तय हो चुका है कि इन दस सीटों पर एनडीए के किस घटक दल का प्रत्याशी रहेगा।
जदयू के हिस्से में सीट शेयरिंग के तहत इन सीटों का आना तय
उप चुनाव के परिणाम के आधार पर एनडीए में जो सीटें तय होंगी उनमें जदयू का पलड़ा भारी है। बेलागंज विधानसभा की सीट 2020 के विधानसभा चुनाव में राजद को जीत मिली थी पर उप चुनाव में बेलागंज सीट जदयू के खाते में आ गयी।
जदयू की मनोरमा देवी ने राजद के प्रत्याशी को 10 जुलाई 2024 को पराजित किया। इस लिहाज से अब इस सीट पर जदयू ही 2025 का विधानसभा चुनाव लड़ेगा यह तय है।
इसी तरह जुलाई 2024 में रुपौली विधानसभा क्षेत्र के लिए हुए उप चुनाव में शंकर सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीता था। यह तय माना जा रहा कि इस बार वह जदयू की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।
वर्ष 2021 के अक्टूबर में कुशेश्वरस्थान तथा तारापुर विधानसभा क्षेत्र के लिए उप चुनाव हुआ था। कुशेश्वरस्थान से जदयब के अमन भूषण हजारी को जीत मिली थी। इसलिए कुशेश्वरस्थान की सीट भी सीट शेयरिंग के तहत एनडीए में जदयू के खाते में जाएगी।
तारापुर सीट कई बार से जदयू के पास रही है वर्ष 2021 के अक्टूबर में जब यहां उप चुनाव हुआ तब जदयू के राजीव कुमार सिंह को यहां से सफलता मिली थी। इस लिहाज से यह सीट भी एनडीए में जदयू के खाते में आना तय है।
मोकामा विधानसभा क्षेत्र में राजद की टिकट पर उप चुनाव में नीलम सिंह को जीत मिली थी। अब जदयू से अनंत कुमार सिंह की उम्मीदवारी वहां से घोषित हो चुकी है।
उप चुनाव के आधार पर भाजपा की दावेदारी
उप चुनाव के परिणाम के आधार पर भाजपा की दावेदारी गोपालगंज सीट पर है। वहां से भाजपा की कुसुम देवी ने चुनाव जीता था। इसी तरह कुरहनी सीट पर भी भाजपा की दावेदारी है। वहां से केदार प्रसाद गुप्त को उप चुनाव में जीत मिली थी।
नवंबर 2024 में हुए उप चुनाव में रामगढ़ सीट से भाजपा के अशोक कुमार सिंह को जीत मिली थी। इसलिए वहां से भाजपा की दावेदारी तय है। तरारी सीट को भाजपा ने उप चुनाव में भाकपा (माले) से छीनी थी। विशाल प्रशांत को उप चुनाव में जीत मिसी थी।
एक सीट पर हम का भी दावा
इमामगंज (सुरक्षित) विधानसभा सीट पर सीट शेयरिंग के पहले ही हम का दावा है। यहां से जीतन राम मांझी जीतते रहे हैं। उप चुनाव में हम की ही दीपा मांझी को यहां से जीत मिली थी।
