जागरण संवाददाता, पटना। पटना को और बेहतर शहर बनाने के लिए आमजन और व्यवस्था तंत्र को कंधे से कंधा मिलाकर काम करना होगा। जागरण ने जो अलख जलाई है, उस मशाल को हम सभी को थामकर आगे बढऩा होगा। साझी भागीदारी से ही पाटलिपुत्र का गौरव लौटाया जा सकता है। गुरुवार को होटल मौर्य में दैनिक जागरण के माय सिटी माय प्रायड कार्यक्रम में मौजूद रियल हीरो और एक्सपर्ट ने ये बातें कहीं।

महावीर वात्सल्य अस्पताल के निदेशक डॉ. एसएस झा ने कहा कि बड़े अस्पतालों में भीड़ कम करने के लिए छोटे-छोटे क्लीनिकों को बढ़ावा देने की जरूरत है। इससे विशेषज्ञ डॉक्टर को सर्दी-जुकाम के मरीजों को देखने से राहत मिलेगी। पटना कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एजाज अली अरशद ने कहा कि अब हर काम को दूसरे जिम्मे छोडऩे का दौर नहीं चलेगा। शहर को बेहतर बनाने के लिए सभी को अपने-अपने स्तर की भागीदारी देनी होगी। पाटलिपुत्र सहोदय के अध्यक्ष डॉ. राजीव रंजन सिन्हा ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य होते हैं। भविष्य के अच्छे नागरिक बने इसके लिए शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्राइवेट सेक्टर को भी आगे आना होगा। डॉ. एके नाग ने कहा कि राजधानी में सक्षम लोगों की कमी नहीं है। सक्षम लोग अपने ड्राइवर, माली, रसोइया आदि के बच्चे की देखभाल शुरू कर दें तो 90 फीसद शिक्षा की समस्या स्वत: समाप्त हो जाएगी।

पटना बीडी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय कुमार ने कहा कि राजधानी को बदसूरत करने में सबसे बड़ा योगदान पॉलीथिन का है। यदि हम सब्जी आदि लाने के लिए घर से झोला लेकर चलें तो साल में 1000 से अधिक पॉलीथिन से पृथ्वी को प्रदूषित होने से बचा सकते हैं। हम अपनी एक आदत में सुधार लाकर स्वच्छ शहर में बड़ा योगदान दे सकते हैं। पटना विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. रणधीर कुमार ने कहा कि इस तरह के अभियान नियमित चलाने से आमजन भी जागरूक होंगे। एक दशक में पटना की आबादी दोगुनी होगी। इसके लिए व्यापक पैमाने पर प्लान कर निर्माण कार्य और अन्य सुविधाओं पर काम करना होगा।

समाजसेवी प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन आमजन और सरकार दोनों पर बेहतर भागीदारी का दवाब बनाने में सहायक होते हैं। मौके पर टीपीएस कॉलेज के प्रो. श्यामल किशोर, कॉलेज ऑफ कॉमर्स के डॉ. अनिल ठाकुर, पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ के निवर्तमान अध्यक्ष दिव्यांशु भारद्वाज आदि मौजूद थे।

By Gaurav Tiwari