यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
3 घंटे में 50 के बदले 70 लाख का लालच, पैसे नहीं मिलने पर कंपनी मैनेजर का अपहरण
पटना के दीघा थाना क्षेत्र में एक कंपनी ने 50 लाख के बदले 70 लाख रुपये देने का वादा किया ...और पढ़ें

HighLights
- कंपनी ने दिया 70 लाख का लालच |
- निवेशकों ने मैनेजर का किया अपहरण |
- पुलिस ने मैनेजर को छुड़ाया |
जागरण संवाददाता, पटना। दीघा थाना क्षेत्र में संचालित एक कंपनी ने तीन घंटे में 50 लाख के बदले आरटीजीएस से 70 लाख रुपये देने का झांसा दिया, लेकिन पैसे देने वाले लोगों को रुपये नहीं मिले। रुपये नहीं लौटने पर पैसे देने वालों ने कंपनी के मैनेजर सचिन कुमार को अगवा कर लिया।
उन्हें शास्त्री नगर के पटेल नगर स्थित एक होटल में बंधक बना लिया। मारपीट कर जमा किये गए रुपये की मांग उनके स्वजनों से करने लगे। सचिन उत्तर प्रदेश के नोएडा का निवासी है। स्वजनों ने सचिन के अगवा होने की सूचना नोएडा पुलिस को दी। नोएडा पुलिस ने बिहार पुलिस से सम्पर्क किया।
अपहरण से धोखाधड़ी में बदला मामला
दीघा थाने की पुलिस व बिहार एसटीएफ ने तकनीकी जांच कर बंधक बनाए गए मैनेजर को होटल से मुक्त करा लिया। पीड़िता और आरोपितों से हुई पूछताछ के बाद मामला अपहरण से धोखाधड़ी में बदल गया।
डीएसपी विधि व्यवस्था-2 मोहम्मद मोहिबुल्ला अंसारी ने बताया कि जांच के बाद आरोपितों को नोटिस देकर छोड़ दिया गया है। यह धोखाधड़ी का मामला है। अभी छानबीन जारी है। पुलिस की मानें तो दीघा में राधा दामोदर इंटरप्राइजेज नाम की कंपनी में सचिन कार्य करते हैं।
मैनेजर सचिन को बनाया बंधक
किसी और कंपनी के कुछ कर्मियों ने स्थानीय लोगों से कहा था कि 50 लाख रुपये जमा करने पर तीन घंटा में आरटीजीएस के जरिए 70 लाख रुपये की वापसी होगी। तीन घंटे में 20 लाख के मुनाफे की लालच में आकर सुभाष मंडल और उनके साथियों ने 30 सितंबर की दोपहर 50 लाख रुपये जुटाए और मैनेजर सचिन कुमार को सौंप दिया।
जब समय पर पैसा नहीं मिला पीड़ित परेशान हो गए। उन्होंने मैनेजर सचिन को बंधक बना लिया और शास्त्री नगर स्थित एक होटल में ले गए। वहीं पर दिए गए रुपये की उनसे मांग की जा रही थी। जिस मोबाइल नंबर से पैसे की मांग की जा रही थी, पुलिस ने उसका लोकेशन ट्रेस किया। दूसरे दिन एसटीएफ और दीघा पुलिस ने होटल में दबिश देकर सचिन को सकुशल मुक्त कराया।
