'...तो रद्द होगी एलएलबी प्रवेश परीक्षा', पटना विवि ने कही ये बात, प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले हुआ था प्रसारित
पटना विवि प्रशासन का कहना है कि लॉ कालेज में एलएलबी कोर्स में नामांकन के लिए मंगलवार को हुई परीक्षा को जांच में प्रश्नपत्र प्रसारित होने की पुष्टि होने पर रद्द किया जा सकता है। विवि प्रशासन ने इसके लिए साक्ष्य भी जुटा रहा है। बता दें कि कुल 120 सीटों के लिए दो हजार से अधिक परीक्षार्थी इसमें शामिल हुए थे।

जासं, पटना। पटना विवि के पटना ला कालेज में एलएलबी कोर्स में नामांकन के लिए मंगलवार को प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा प्रारंभ होने के पहले ही प्रश्न पत्र इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित (वायरल) हो गया।
परीक्षा सुबह 11:00 बजे से शुरू हुई, इससे पहले ही प्रश्न पत्र कई परीक्षार्थियों के मोबाइल पर पहुंच गया था। परीक्षा से पहले इसे फर्जी प्रश्नपत्र बताया गया, लेकिन कक्ष में प्रश्न मिलते ही परीक्षार्थी भौंचक रह गए।
डीएसडब्ल्यू प्रो. अनिल कुमार ने बताया कि प्रश्नपत्र प्रसारित होने की शिकायत कुछ परीक्षार्थियों ने की है। इसकी जांच कराई जाएगी। परीक्षार्थियों से प्रसारित प्रश्न के समय व अन्य विवरण से संबंधित प्रमाण परीक्षार्थियों से मांगे गए हैं।
विवि प्रशासन भी अपने स्तर से प्रमाण का संग्रह कर रहा है। यदि परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र प्रसारित होने का पुख्ता प्रमाण मिलता है तो इसे रद कर दोबारा परीक्षा आयोजित कराने की कार्रवाई होगी।
मोबाइल के साथ परीक्षार्थी पकड़े गए
प्रश्नपत्र प्रसारित होने के बाद कुछ परीक्षार्थी मोबाइल के साथ केंद्र में पहुंचे। जांच में कई छात्रों का मोबाइल कमरे के बाहर रखवाया गया।
परीक्षार्थियों ने बताया कि पटना कालेज के कमरा नंबर छह से एक को मोबाइल के साथ परीक्षा के अंतिम समय में पकड़ा गया, लेकिन उसे वगैर जांच-पड़ताल के छोड़ दिया गया।
प्रवेश परीक्षा में शामिल छात्र-छात्राओं ने प्रसारित प्रश्न को हूबहू बताया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए 2400 से अधिक विद्यार्थियों ने आवेदन किया था।
परीक्षा में दो हजार के आसपास विद्यार्थी शामिल हुए। पटना कालेज, बीएन कालेज व मगध महिला कालेज में केंद्र बनाए गए थे।
इसकी रैंक के आधार पर पटना ला कालेजों की 120 सीटों पर नामांकन होना है। पटना कालेज सेंटर के परीक्षार्थियों ने फाल्स सिलिंग गिरने की भी शिकायत की।
सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करे प्रशासन
विद्यार्थियों ने प्रवेश परीक्षा में बड़े स्तर पर कदाचार होने का आरोप लगाया है। अभिषक कुमार ने बताया कि चिह्नित छात्रों को कदाचार की छूट दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन केंद्र का सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक कर दे तो मामला स्पष्ट हो जाएगा।
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