By Dina Nath SahaniEdited By: Mukul Kumar
Updated: Thu, 21 Dec 2023 10:14 AM (IST)
KK Pathak केके पाठक के शिक्षा विभाग के निर्देश का उल्लंघन करना शिक्षकों को भारी पड़ गया है। आठ विश्वविद्यालयों के नौ शिक्षक व कर्मचारी नेता के वेतन और पेंशन पर रोक लगा दी गई है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में उच्च शिक्षा निदेशक रेखा कुमारी की ओर से बुधवार को संबंधित कुलसचिवों को यह आदेश जारी किया गया।
राज्य ब्यूरो, पटना। शिक्षा विभाग के निर्देशों का विरोध करने वाले आठ विश्वविद्यालयों के नौ शिक्षक एवं कर्मचारी नेता का वेतन तथा पेंशन कर दिया गया है। इसमें बिहार राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ और पटना विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के पदाधिकारी शामिल हैं।
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इस संबंध में उच्च शिक्षा निदेशक रेखा कुमारी की ओर से बुधवार को संबंधित कुलसचिवों को यह आदेश जारी किया गया। कुलसचिवों को दिए गए आदेश के मुताबिक संबंधित संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा बैठक कर शिक्षा विभाग के निर्देशों का विरोध किया गया है जो विभागीय हित के विरुद्ध है और सरकार की छवि को धूमिल करने वाला है।
संतोषजनक स्पष्टीकरण मिलने तक वेतन व पेंशन बंद
इस गैर पेशेवर आचरण एवं सरकार की छवि को धूमिल करने का प्रयास के कारण संबंधित पदाधिकारियों का संतोषजनक स्पष्टीकरण मिलने तक वेतन व पेंशन को बंद करने का आदेश दिया जाता है।
इससे संबंधित विश्वविद्यालयों द्वारा की गई अनुशासनिक कार्रवाई की सूचना शिक्षा विभाग को तीन सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराएं।
लिस्ट में इन लोगों का नाम
जिन शिक्षकों व कर्मचारी नेताओं पर कार्रवाई की गई है उनमें ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के प्रो. अमरेश शांडिल्य तथा शंकर यादव, जय प्रकाश विश्वविद्यालय के डा. सरोज कुमार सिंह, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के राघवेन्द्र कुमार सिंह का नाम है।
इसके अलावा, इनमें बीएन मंडल विश्वविद्यालय के डा. राजेश्वर राय, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के डा. रविन्द्र कुमार मिश्र, मौलाना मजहरूल हक अरबी फारसी विश्वविद्यालय के सैयद शाही नकवी, पटना विश्वविद्यालय के सुबोध कुमार और वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के प्रो. गुरूशरण सिंह का नाम भी शामिल हैं।
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