Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Bihar Reservation: जीतन राम मांझी की नीतीश कुमार से नई डिमांड, कहा- 18 जातियों को मिलना चाहिए 10% आरक्षण

    Updated: Tue, 20 Aug 2024 07:46 PM (IST)

    आरक्षण के मुद्दे पर अब जीतन राम मांझी ने नीतीश सरकार के सामने नई डिमांड रख दी है। मांझी ने कहा है कि राज्य सरकार अत्यंत पिछड़ी 18 दलित जातियों का उपवर्गीकरण कर 10 प्रतिशत आरक्षण मुहैया कराए। अगर राज्य सरकार इसे लागू नहीं करती है तो इस मुद्दे पर पटना के गांधी मैदान में 18 दलित जातियों की रैली आयोजित की जाएगी।

    Hero Image
    केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और सीएम नीतीश कुमार। (फाइल फोटो)

    राज्य ब्यूरो, पटना। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संस्थापक एवं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने एससी-एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर के आधार पर उपवर्गीकरण (कोटा में कोटा) लागू करने के उच्चतम न्यायालय के निर्णय का समर्थन करते हुए बिहार सरकार से इसे लागू करने की मांग की है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    मांझी ने कहा कि राज्य सरकार अत्यंत पिछड़ी 18 दलित जातियों का उपवर्गीकरण कर 10 प्रतिशत आरक्षण मुहैया कराए। अगर राज्य सरकार इसे लागू नहीं करती है तो इस मुद्दे पर पटना के गांधी मैदान में 18 दलित जातियों की रैली आयोजित की जाएगी।

    'सुप्रीम कोर्ट की भावना का सम्मान होना चाहिए'

    पटना के रवींद्र भवन में मंगलवार को वंचित अनुसूचित जाति-जनजाति मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित 18 जातियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आरक्षण में जातियों के उपवर्गीकरण को यथाशीघ्र लागू कर सुप्रीम कोर्ट की भावना का सम्मान किया जाना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि आज तक आरक्षण की समीक्षा नहीं हुई, जो अविलंब होनी चाहिए। सम्मेलन में आरक्षण से वंचित मुसहर-भुईयां, डोम, मेहतर, तूरी, रजवार, भोक्ता, घुमंतू आदि जातियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

    'संपन्न दलित ले रहे 95 प्रतिशत नौकरियां व सुविधाएं'

    मांझी ने कहा कि संपन्न दलित यह झूठ फैला रहे हैं कि आरक्षण खत्म करने की साजिश हो रही है। आजादी के 78 साल बाद जो संपन्न दलित हैं, वे ही आरक्षण के बल पर 95% नौकरी और तमाम सुविधाओं का लाभ लेते रहे। बिहार में करीब 10 प्रतिशत आबादी वाली 18 जाति के लोगों को आरक्षण का आज तक कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है, इसलिए हम बिहार सरकार और केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि आरक्षण में उपवर्गीकरण होना चाहिए।

    मांझी ने कहा, हम चाहते हैं कि राज्य सरकार बिहार में भी हरियाणा की तरह आरक्षण में वर्गीकरण कर वंचित दलित को मुख्य धारा में लाने का प्रयास करें।

    कार्यक्रम में लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि हम तमाम 18 जाति के लोगों को एकजुटता दिखा करके अपनी ताकत का एहसास कराना चाहिए। सभा की अध्यक्षता गजेंद्र मांझी एवं संचालन त्रिलोकी कुमार ने किया। सम्मेलन में 21 अगस्त को आहूत भारत बंद को अनुचित मानते हुए इसमें शामिल नहीं होने का संकल्प लिया गया।

    ये भी पढ़ें- Chirag Paswan: 'मैंने खुद प्रधानमंत्री मोदी से बात की', UPSC में लेटरल एंट्री के मुद्दे पर बोले चिराग पासवान

    ये भी पढे़ं- PM Modi के पार्टनर्स में मनमुटाव! आरक्षण पर चिराग और मांझी का स्टैंड अलग, JDU ने निकाला बीच का रास्ता