बिहार MLC चुनाव में अपनों ने हराया या BJP ने नहीं दिया साथ? लीडरशिप के सामने JDU प्रत्याशियों का फूटा गुस्सा
जदयू ने विधान परिषद चुनाव में हार के बाद समीक्षा बैठक की, जिसमें पार्टी प्रत्याशियों ने भाजपा के असहयोग की ...और पढ़ें

जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार।
HighLights
जदयू ने विधान परिषद चुनाव में हार के बाद समीक्षा बैठक की।
पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल नेताओं पर होगी सख्त कार्रवाई।
प्रत्याशियों ने भाजपा के असहयोग की शिकायतें लिखित में देने को कहा।
राज्य ब्यूरो, पटना। विधान परिषद चुनाव (Bihar MLC Election) में चार सीटों में तीन पर हार व एक सीट पर जीत में आए व्यवधान को केंद्र में जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने गुरुवार को सभी चार सीटों से चुनाव लड़े प्रत्याशियों से अलग-अलग बात की।
जदयू नेतृत्व ने सभी उम्मीदवारों को कहा कि अगर उन्हें किसी के खिलाफ शिकायत है और उसके प्रमाण भी हैं उनके पास तो इस बारे में पार्टी को लिखित शिकायत करें। दल के स्तर पर इसे एनडीए के फोरम पर रखा जाएगा।
वहीं, पार्टी नेतृत्व ने दो टूक कहा कि जिसने भी पार्टी में रहकर दल के प्रत्याशी का विरोध किया उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीतकर आए नीरज की बारी सबसे आखिर में थी। तीन सीटों पर हार गए प्रत्याशियों के बाद उन्हें अपनी बात रखने का मौका मिला।
नीरज ने कहा कि उनका पार्टी के ही विधायक ने किस तरह से विरोध किया यह सार्वजनिक है। इस विरोध के बाद भी वह चुनाव जीतकर आए। पार्टी नेतृत्व ने यह कहा कि दल के स्तर इस प्रकरण में कार्रवाई हो चुकी है।
तिरहुत स्नातक क्षेत्र से जदयू प्रत्याशी अभिषेक झा काे 15 मिनट अपनी बात रखने को मिला। जदयू नेतृत्व ने उन्हें कहा कि भले ही वह हार गए पर बहुत अच्छे तरीके से चुनाव लड़ा।
अभिषेक ने अपनी बात में षड्यंत्र की बात कही। इस पर उन्हें भी लिखित रूप से शिकायत करने को कहा गया। अभिषेक ने कहा कि चुनाव हारने के बाद उन्होंने बहुत कुछ सीखा है।
बैठक में इस पर भी विमर्श हुआ कि विधान परिषद चुनाव में संगठन के स्तर पर किस तरह की कमजोरी रही। जदयू के स्थानीय नेताओं की किस तरह की सक्रियता रही इसका भी आकलन किया जा रहा है।
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू प्रत्याशी घनश्याम राय चुनाव हार गए थे। जनसुराज के प्रत्याशी ने उन्हें हराया था। इसी तरह सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र आनंद पुष्कर चुनाव हार गए थे। उनका आरोप है कि एनडीए के नेताओं ने उनके पक्ष में बैठक नहीं की।
समीक्षा बैठक में उन जिलों के जदयू जिलाध्यक्षों को भी बुलाया गया था जिनके यहां विधान परिषद चुनाव को लेकर मतदान हुआ। वहां के विधायक भी आमंत्रित किए गए थे।
भाजपा के साथ हमारा फेविकोल की तरह जोड़ : उमेश
जदयू की समीक्षा बैठक में विधान परिषद की सीटों के जदयू प्रत्याशियों ने गुस्से में यह कहा कि भाजपा का उन्हें चुनाव में सहयोग नहीं मिला।
वहीं, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि भाजपा के साथ उनका जोड़ फेविकाेल की जोड़ की तरह है। जो शिकायतें की गयी हैं उन्हें देखा जाएगा।
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