यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ishan Kishan: पढ़ाई में कमजोर होने पर स्कूल ने निकाला, क्रिकेट खेलने पर मां से पड़ती थी डांट
Ishan Kishan News बिहार में पले-बढ़े टी-20 विश्व कप खेल रहे क्रिकेटर इशान किशन के माता-पिता पटना में रहते हैं। ...और पढ़ें

पटना, अरुण सिंह। Ishan Kishan News विभाजन के बाद बिहार में क्रिकेट (Cricket) के बदतर होते हालात के बीच जब सात साल की आयु में इशान किशन (Ishan Kishan) ने मैदान की ओर से कदम बढ़ाया तो किसी ने सोचा नही था वह एक दिन शिखर पर पहुंचेगा। मां सुचित्रा सिंह (Suchitra Singh) क्रिकेट के खिलाफ थीं, क्योंकि इशान पढ़ाई से दूर हो रहे थे। कम लोग हीं जानते होंगे कि पढ़ाई में कमजोर होने के कारण इशान को स्कूल से निकाल दिया गया था। पढ़ाई के लिए इशान को मां से बराबर डांट मिलती थी। मां चाहतीं थीं कि इशान क्रिकेट के साथ पढ़ाई पर भी ध्यान दें। ऐसे में इशान को पिता प्रणव पांडेय व बड़े भाई राज तथा स्कूटी से मैदान तक पहुंचाने वाले कोच संतोष कुमार का साथ मिला। इसके बाद इशान 2011 में झारखंड गए और वहां से उन्होंने टी-20 विश्व कप टीम तक का सफर तय किया है। मां सुचित्रा सिंह को अब अपने बेटे पर गर्व है।
बचपन के कोच को इशान से बड़ी उम्मीद
इशान के बचपन के कोच संतोष कुमार कहते हैं कि तेज गेंदबाजों के खिलाफ इशान शुरू से ही बेखौफ होकर खेलते थे। उम्मीद है कि टी-20 विश्व कप में वे अपना आक्रामक रवैया जारी रखेंगे। हालांकि, यूएई में मैच होने से स्पिनर वहां चलेंगे और उनसे इशान को सतर्क रहना होगा।
इशान को है छठ मइया का आशीर्वाद
पटना में अपने आवास पर बेटे की उपलब्धि पर परिवार व आस-पड़ोस के लोगों के साथ जश्न मना रहीं मां सुचित्रा ने कहा कि इशान के पास छठ मइया का आशीर्वाद है। मैं स्वयं छठ व्रत करती हूं। मां ने कहा, 'अपनी मेहनत और छठ मइया के आशीर्वाद से वह अंडर-19 विश्व कप टीम का कप्तान बना। अब छठ मइया उसे सीनियर विश्व कप में भी कामयाब बनाएंगी।' पिता प्रणव पांडेय को उम्मीद है कि इशान भारतीय टीम के लिए तुरुप का इक्का साबित होंगे। प्रणव ने बताया कि आइपीएल के दौरान दुबई में इशान ने खूब रन बनाए थे। बोले, '19 सितंबर से दुबई में ही शुरू हो रहे आइपीएल के मुकाबले में उसे मैच अभ्यास मिलेगा, जिसका फायदा उसे विश्व कप में होगा।'
क्रिकेट के कारण स्कूल से निकाले गए
पढ़ाई में कमजोर इशान को मां से डांट मिलती थी। क्रिकेट के कारण उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया। ऐसे में राज किशन ने छोटे भाई के लिए अपने क्रिकेट करियर को त्याग दिया। राज ने बताया कि, इशान में सीखने की ललक बचपन से ही थी। इशान गेंदबाजी को छोड़ अन्य किसी भी मूमिका में शानदार प्रदर्शन कर सकता है। इसका फायदा भारत को होगा।
