यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Car Insurance: परिवहन विभाग ने बीमा कंपनियों को दे दिया फाइनल अल्टीमेटम, एक माह में मुआवजा नहीं देने पर होगा एक्शन
बिहार में सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को एक महीने के अंदर मुआवजा मिलेगा। मुआवजा भुगतान में देरी करने वाली बीमा ...और पढ़ें

HighLights
- 16 बीमा कंपनियों के पास तीन करोड़ 96 लाख की मुआवजा राशि बकाया
- एक माह में मुआवजा नहीं देने पर लोकपाल में शिकायत
राज्य ब्यूरो, पटना। बीमा कंपनियों को एक माह के अंदर सड़क दुर्घटना के पीडि़तों को मुआवजा देना होगा। बिहार मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के आदेश के बावजूद एक माह में मुआवजा का भुगतान नहीं करने वाली बीमा कंपनियों की लोकपाल में शिकायत की जाएगी।
परिवहन विभाग में मंगलवार को बीमा कंपनियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में इसका निर्णय लिया गया। इसके साथ ही विभाग के स्तर से भुगतान के आधार पर बीमा कंपनियों की रैंकिंग भी जारी की जाएगी।
यह रैंकिंग आम जनता के लिए भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि लोग जागरूक रहें और बीमा कंपनियों की कार्यप्रणाली को समझ सकें। दरअसल, राज्य में हुई सड़क दुर्घटना के 80 मामलों में 16 बीमा कंपनियों के पास तीन करोड़ 96 लाख की मुआवजा राशि बकाया है।
अभी तक बीमा कंपनियों ने दुर्घटना में मृतकों के आश्रितों या घायलों को इस राशि का भुगतान नहीं किया है। इसी को लेकर परिवहन विभाग ने बीमा कंपनियों के साथ बैठक बुलाई थी। बैठक में शामिल बीमा कंपनियों ने आश्वासन दिया कि 15 दिनों में लंबित मामलों का निष्पादन कर दिया जाएगा।
परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि मुआवजा भुगतान में देरी करने वाली बीमा कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
इसके अलावा सड़क सुरक्षा पर गठित माननीय सर्वोच्च न्यायालय की समिति एवं भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) को भी इस संबंध में सूचित किया जाएगा। उन्होंने बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों से कहा कि न्यायाधिकरण से आदेश पारित होने के बाद मुआवजा भुगतान में देरी नहीं करें।
सड़क दुर्घटना पीड़ितों के दर्द को समझें और मुआवजा भुगतान के लिए दुर्घटना पीड़ितों के परिवारों को परेशान नहीं करें।
15 दिनों में भेजा जाएगा रिमाइंडर
न्यायाधिकरण से आदेश पारित होने के बाद मुआवजा भुगतान में विलंब नहीं हो, इसके लिए 15 दिनों के बाद संबंधित बीमा कंपनी को भुगतान के लिए रिमाइंडर भेजा जाएगा। इस संबंध में परिवहन सचिव ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया है।
सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ससमय मुआवजा मिल सके, इसके लिए राज्य में बिहार मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण का गठन किया गया है।
वर्तमान में सात प्रमंडलीय मुख्यालयों दरभंगा, पटना, सारण, गया, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर में न्यायाधिकरण कार्यरत है। इन न्यायाधिकरण में दुर्घटना दावा से संबंधित अब तक कुल 161 मामलों का निष्पादन किया गया है।
यह भी पढ़ें-
