बिहार के गांव की सड़कों को लेकर सरकार का महत्वपूर्ण आदेश, लापरवाही पर नपेंगे इंजीनियर-ठेकेदार
राजधानी पटना में अधिवेशन भवन सभागार में मंत्री अशोक चौधरी की अध्यक्षता में ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन को लेकर संवाद सत्र का आयोजन किया गया। आयोजन में राज्य भर के ठेकेदार और जिला स्तरीय विभागीय अधिकारी सम्मिलित हुए। मंत्री ने ग्रामीण सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की ओर अधिकारियों एवं ठेकेदारों का ध्यान आकृष्ट किया।

राज्य ब्यूरो, पटना। बरसात में लोगों को सड़क संबंधी परेशानियों से निजात दिलाने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग ने समय रहते ही कमर कस ली है। शनिवार को अधिवेशन भवन सभागार में मंत्री अशोक चौधरी की अध्यक्षता में ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन को लेकर संवाद सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्य भर के ठेकेदार और जिला स्तरीय विभागीय अधिकारी सम्मिलित हुए।
सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर दें बल
इस अवसर चौधरी ने जून से पहले राज्य की सभी ग्रामीण सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की ओर अधिकारियों एवं ठेकेदारों का ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष बल देते हुए स्पष्ट किया कि लापरवाही या समय सीमा का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ठेकेदारों के भुगतान को और अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर भी मंत्री ने जोर दिया।
सभी कार्य समय पर पूरे हों
ग्रामीण कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने स्पष्ट कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी कार्य समय पर पूरे हों, यह सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। दायित्व की अनदेखी करने वाले अफसरों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।
6374 पथों पर कार्य आवंटित कर दिया गया
उन्होंने सभी जिलों में अधिकारियों और संवेदकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यों को प्रभावी ढंग से संपन्न करने का आह्वान किया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 14087 पथ, जिनकी कुल लंबाई 24482 किलोमीटर है, की स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें से 6374 पथों पर कार्य आवंटित कर दिया गया है। संवाद सत्र को अभियंता प्रमुख - सह - अपर आयुक्त भगवत राम, विशेष सचिव उज्ज्वल कुमार सिंह, अभियंता प्रमुख निर्मल कुमार ने संबोधित किया।
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