गयाजी में 1670 एकड़ में बसेगी 'मैन्युफैक्चरिंग सिटी', आज से शुरू होगा जमीन आवंटन; CM लॉन्च करेंगे पोर्टल
गया के डोभी में विकसित हो रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी (आईएमसी) के वेब पोर्टल का शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया, जिसके साथ ही भूमि आवंटन प्रक्रिया शुरू हो गई।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।
HighLights
मुख्यमंत्री ने गया आईएमसी वेब पोर्टल का शुभारंभ किया।
आईएमसी में भूमि आवंटन प्रक्रिया आज से हुई शुरू।
बिहार में औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
राज्य ब्यूरो, पटना। गयाजी के डोभी में विकसित हो रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी (आईएमसी) के वेब पोर्टल का शुभारंभ शनिवार (24 अक्टूबर) को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। इसके साथ ही भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
देशभर में 14 स्थानों पर आईएमसी विकसित हो रहा, उनमें से एक आईएमसी गयाजी भी है। 1670 एकड़ परिक्षेत्र में इसका विकास हो रहा, जिसके लिए बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गयाजी लिमिटेड (बीआईएमसीजीएल) का गठन हुआ है। पोर्टल इसी के नाम से होगा।
शुक्रवार को प्रेस-वार्ता में उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने इसकी जानकारी दी। विभागीय सचिव कुंदन कुमार ने बताया कि इस परियोजना में विनिर्माण के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं एक ही जगह मिलेगी, जिससे यह एक औद्योगिक शहर के तौर पर विकसित होगा।
यहां प्रदूषण नियंत्रण के लिए साझा अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (सीईटीपी) और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) भी होगा।
श्रेयसी ने बताया कि राज्य में उद्योग व निवेश के लिए इको-सिस्टम विकसित किया जा रहा है। वर्ष 2025 से अब तक निवेश के 1091 प्रस्ताव मिले हैं। इनके जरिये 121863 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।अनुमान है कि इन औद्योगिक इकाइयों में 68807 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में एमएसएमई केंद्रों का उद्घाटन किया है। बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 के अंतर्गत पात्र निवेशकों को नि:शुल्क भूमि देने का प्रविधान है। नए सिंगल विंडो क्लीयरेंस पोर्टल पर नौ विभागों की 62 सेवाएं उपलब्ध हैं।
इज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 और ज-नविश्वास अधिनियम-2026 के जरिये प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है। राज्य में निर्यात बढ़ाने के लिए राज्य और जिला निर्यात कार्ययोजनाएं तैयार हुई हैं।
प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के अंतर्गत 10 वर्किंग वुमेन हास्टल बनाए जा रहे हैं। निदेशक हस्तकरघा एवं रेशम डॉ. विद्या नंद सिंह और निदेशक एमएसएमई अमन समीर आदि प्रेस-वार्ता में उपस्थित रहे।
28 नए औद्योगिक क्षेत्र:
बिहार में 94 औद्योगिक क्षेत्र विकसित हुए हैं। यहां 32 लाख वर्ग फीट से अधिक में प्लग एंड प्ले के लिए आधारभूत संरचना उपलब्ध है। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (बियाडा) द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से अब तक 521 इकाइयों को 727.02 एकड़ भूमि आवंटित हुई है।
इनके जरिये 18380.25 करोड़ रुपये के निवेश और 49167 रोजगार के अवसरों का प्रस्ताव है। 25 जिलों में 28 स्थानों पर नए औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। लगभग 14600 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण होगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी हेतु पहल:
मुजफ्फरपुर में 143.96 एकड़ में मेगा फूड पार्क, महिल-मोतीपुर में 62.17 एकड़ में लेदर, फुटवियर एवं एक्सेसरीज क्लस्टर तथा फतुहा में मल्टी-माडल लाजिस्टिक्स पार्क विकसित किया जा रहा है।
झंझारपुर में माडल ग्रीन इंडस्ट्रियल एरिया, जबकि कुमारबाग (पश्चिम चंपारण) व नवानगर (बक्सर) में विशेष आर्थिक क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं पर भी काम हो रहा है।
इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी की स्थापना हेतु पहल हो रही है। बिहार सेमीकंडक्टर नीति-2026 के अंतर्गत पटना में 171 करोड़ रुपये के निवेश से 15 एकड़ में प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित किया जा रहा है।
उद्यमी और स्टार्टअप योजनाओं में प्रगति:
- मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के अंतर्गत छह उप-योजनाओं में 4075 लाभार्थियों को 3414 करोड़ से अधिक की सहायता राशि दी गई।
- बिहार लघु उद्यमी योजना के अंतर्गत 71740 लाभार्थियों को 581 करोड़ रुपये दिए गए।
- स्टार्टअप बिहार के अंतर्गत 1762 स्टार्टअप पंजीकृत हैं और 103 करोड़ रुपये की फंडिंग दी गई है।
- राज्य में 22 इन्क्यूबेशन सेंटर, 47 स्टार्टअप सेल और तीन बी-हब को-वर्किंग स्पेस बनाए गए हैं। इस व्यवस्था से नए उद्यमियों को मार्गदर्शन, नेटवर्किंग, कार्यस्थल और वित्तीय सहायता मिल रही है।
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