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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Hartalika Teej 2024: हरतालिका तीज पर ग्रह-गोचरों का बना उत्तम संयोग, महिलाएं राशि के अनुसार करें पूजा

Published: Thu, 05 Sep 2024 04:18 PM (IST)

Hartalika Teej Vrat 2024 हरतालिका तीज 2024 में सुहागिनें अखंड सौभाग्य की कामना से निर्जला व्रत रखेंगी। इस साल तीज ...और पढ़ें

पति के दीर्घ जीवन को सुहागिनों का तीज निर्जला व्रत कल।
पति के दीर्घ जीवन को सुहागिनों का तीज निर्जला व्रत कल।

HighLights

  1. हरतालिका तीज पर ग्रह-गोचरों का बना रहेगा संयोग
  2. उदया तिथि के अनुसार पूरे दिन सुहागिन कर सकती मां पार्वती का पूजन
  3. भगवान शंकर और माता पार्वती का विधि विधान से की जाती है पूजा

जागरण संवाददाता, पटना। अखंड सुहाग की कामना को लेकर सुहागिन शुक्रवार (6 सितंबर) को हस्त नक्षत्र, चित्रा नक्षत्र के युग्म संयोग और शुक्ल योग में हरतालिका तीज व्रत (Hartalika Teej Vrat 2024) करेंगी। पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और समृद्धि की कामना से निर्जला व्रत करेंगी। मिट्टी से भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा बनाकर विधान पूर्वक पूजा-अर्चना कर पौराणिक कथाएं सुनेंगी।

पंडित राकेश झा ने पंचांगों के हवाले से बताया कि शुक्रवार को तृतीया तिथि दोपहर 12:18 बजे तक है, लेकिन सूर्योदय तृतीया तिथि में होने से उदयातिथि के मान के अनुसार, शुक्रवार को पूरे दिन तीज की पूजा करेंगी।

तीज के दिन तृतीया और चतुर्थी तिथि के युग्म संयोग होने से इस दिन अति शुभकारी गौरी-गणेशयोग बन रहा है। सुहागिन सुबह से लेकर रात तक कभी भी पूजा कर सकती हैं।

ग्रह-गोचरों का बना उत्तम संयोग

भाद्रपद शुक्ल तृतीया को उदय गामिनी तिथि, हस्त नक्षत्र, शुक्ल योग, गर करण, अमृत योग के साथ रवि योग के सुयोग में हरतालिका तीज का व्रत मनाया जाएगा। हरतालिका तीज व्रत की परंपरा त्रेता युग से चली आ रही है।

माता पार्वती ने पहली बार शिव शंकर की बालुकामयी प्रतिमा बनाकर पूजा की थी। पार्थिव की प्रतिमा बनाकर गंगाजल, अक्षत, चंदन, बेलपत्र, ऋतुफल व पकवान आदि से पूजा करना कल्याणकारी रहेगा।

हरतालिका तीज पूजा का शुभ मुहूर्त (Hartalika Teej Puja Vidhi, Shubh Muhurat)

  • उदयातिथि से: पूरे दिन (सुबह से देर रात)
  • अमृत काल मुहूर्त: प्रातः 07:06 बजे से 08:40 बजे तक
  • गुलीकाल मुहूर्त: सुबह 10:14 से 11:48 बजे तक
  • चर-लाभ मुहूर्त: शाम 02:56 बजे से 06:04 बजे तक
  • प्रदोष काल मुहूर्त: शाम 06:04 बजे से 08:30 बजे तक
  • रात्रि चौघड़िया मुहूर्त: रात्रि 07:30 बजे से देर रात 11:48 बजे तक

राशि के अनुसार करें तीज पूजन

  • मेष : शिव जी को पंचामृत से स्नान के बाद रेशमी वस्त्र अर्पित करें।
  • वृष : शिव-पार्वती के पूजा में गुलाब का पुष्प व इत्र अर्पण कर धूप दिखाए।
  • मिथुन व मीन : हरा वस्त्र धारण कर पूजा में मां पार्वती को हल्दी व शिव जी को सफेद चंदन अर्पित करें।
  • कर्क : पूजा के बाद शिव का श्रृंगार तथा ॐ नमः शिवाय का जाप श्रेयस्कर होगा।
  • सिंह : शिव- पार्वती को पीत पुष्प का हार चढ़ाकर रुद्राष्टकम का पाठ करें।
  • कन्या : शिव जी को बेलपत्र और दूर्वा चढ़ाए। मेहंदी जरूर लगाएं।
  • तुला : महादेव को पंचामृत से स्नान कराएं और साथ ही शृंगार की वस्तुओं का दान करें।
  • वृश्चिक : पीला वस्त्र धारण करके शिव-पार्वती की आराधना और पूजा करे साथ ही दूर्वा अर्पित करें।
  • धनु : लाल वस्त्र धारण कर पूजा में शिव-पार्वती को सुगंधित पुष्प अर्पित करें।
  • मकर : भगवान शिव को सफेद चंदन तथा घी का दीपक प्रज्वलित करें।
  • कुंभ : गुलाबी वस्त्र धारण कर पूजा में महादेव को श्वेत पुष्प अर्पित करें।