जागरण संवाददाता, पटना : सारण जिले के मढ़ौरा के पूर्व विधायक सुरेंद्र शर्मा ने खुद बेटी के अंतरजातीय विवाह से नाराज होकर उसकी हत्या की साजिश रची थी। उन्होंने हत्या के लिए पांडव गिरोह के कुख्यात अपराधी अभिषेक सिंह उर्फ छोटे सरकार को 20 लाख की सुपारी दी थी। शुक्र रहा कि शूटर की पिस्टल में गोली फंस गई और विधायक की बेटी की जान बच गई। पुलिस ने उस पर हमला करने में अभिषेक, राहुल कुमार और पूर्व विधायक के सहयोगी ज्ञानेश्वर शर्मा को दबोच लिया। अभिषेक ने बताया कि पूर्व विधायक की बेटी पति के साथ पटना में रह रही हैं। पूर्व विधायक उससे बेहद खफा थे। लिहाजा उन्होंने अपनी बेटी की हत्या के लिए सुपारी दी थी। आरोपितों के पास से एक पिस्टल, दो कट्टा, एक मैगजीन, नौ कारतूस व एक बिना नंबर प्लेट की बाइक बरामद कर ली गई है। कुख्यात अभिषेक पर हत्या सहित कुल 13 मुकदमे दर्ज हैं। सुरेश शर्मा 1990 से 1995 के बीच मढ़ौरा के विधायक थे। पटना पुलिस ने शनिवार की देर रात सारण जिले के नगर थाना क्षेत्र के साधनापुरी मोहल्ला स्थित आवास से उन्हें गिरफ्तार किया। वह सारण के अवतारनगर थाना क्षेत्र के रामगाढा गांव के निवासी हैं। सारण से पूर्व विधायक के एक करीबी को भी हिरासत में लिया गया था। जिन्हें पूछताछ के बाद पुलिस छोड़ दिया। 

यह भी पढ़ें : नीतीश कुमार इज एनडीए...एनडीए इज नीतीश कुमार के बीच बिहार बीजेपी ने साफ कर दिया अपना स्टैंड 

वारदात को अंजाम देने पूर्व विधायक आये थे पटना 

अभिषेक ने पुलिस को बताया कि अन्य घटनाओं को अंजाम देने के बाद वह नेपाल, पश्चिम बंगाल और झारखंड के विभिन्न ठिकानों पर छुपा था। पूर्व विधायक से सुपारी मिलने के बाद वह पटना लौटा था। पूर्व विधायक ने बेटी की फोटो और वीडियो के साथ बेटी के घर के आसपास का लोकेशन भी बताया था। बोरिंग रोड में पूर्व विधायक की बेटी पर जानलेवा हमला किया गया था, लेकिन पिस्टल में गोली फंस जाने के कारण वह बच गई। बाद में महिला ने घटना की प्राथमिकी एसकेपुरी थाने में दर्ज कराई थी। 

चितरंजन शर्मा के भाई की हत्या में संलिप्तता स्वीकारी 

अभिषेक और ज्ञानेश्वर शर्मा ने चितरंजन शर्मा के रिश्तेदारों की हत्या में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। सिटी एसपी पूर्वी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि पत्रकार नगर थाना क्षेत्र में अपराधियों ने 31 मई को अरवल के पूर्व विधायक चितरंजन शर्मा के दो सगे भाई शंभू सिंह और गौतम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसमें बबलू सिंह और हरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया था। आरोपितों ने बताया था कि पांडव गिरोह के सदस्य संजय सिंह और चितरंजन सिंह के बीच लंबे समय से दुश्मनी चली आ रही है। इस कारण संजय सिंह के कहने पर उक्त वारदात को अंजाम दिया गया था। संजय सिंह गिरोह ने 26 अप्रैल, 2022 को चितरंजन शर्मा के चाचा अभिराम शर्मा और भतीजे दिनेश शर्मा की हत्या कर दी थी। इसके बाद संजय सिंह के करीबी सुधीर कुमार को मौत के घाट उतार दिया था। 

रामकृष्ण नगर में बना रखा था ठिकाना 

एसएसपी ने कुछ ही दिनों में हुई पांच हत्या मामलों की तफ्तीश को लेकर विशेष टीम का गठन किया था। अनुसंधान में पता चला कि संजय सिंह गुट की ओर से सभी वारदात को उसके खास अभिषेक सिंह उर्फ छोटे सरकार ने अंजाम दिया है। यह भी पता चला कि उसने एक नेता से उसकी बेटी की हत्या की सुपारी भी ले रखी है। अभिषेक ने पटना के रामकृष्णा नगर में ठिकाना बना रखा था। इसी बीच पुलिस को जानकारी मिली की दो बाइक सवार बदमाशों ने श्रीकृष्णापुरी में एक महिला पर जानलेवा हमला किया है। इससे तार जुड़े तो पुलिस ने अभिषेक और उसके सहयोगी राहुल सिंह को पत्रकार नगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

यह भी पढ़ें : अब बिहार में होगा सत्ता परिवर्तन...महाराष्ट्र का उदाहरण देकर लोजपा (रा.) सुप्रीमो ने की नीतीश सरकार के बारे में भविष्यवाणी

Edited By: Rahul Kumar