पटना साइंस कालेज में पहली बार कला संकाय की प्राचार्य, वाणिज्य महाविद्यालय में भी टूटा रिकॉर्ड
पटना साइंस कालेज और वाणिज्य महाविद्यालय को पहली बार कला संकाय की प्राध्यापक प्राचार्य बनीं हैं। पहली बार कला संकाय के प्राचार्य बनने के साथ प्रो. अलका पहली महिला प्राचार्य भी होंगी। वहीं वाणिज्य महाविद्यालय में प्रो. सुहेली मेहता पहली महिला प्राचार्य बनी हैं। प्रो. सुहेली मेहता और प्रो. अलका गृह विज्ञान विषय की प्राध्यापिका हैं।

जयशंकर बिहारी, पटना। पटना विश्वविद्यालय के पटना साइंस कालेज और वाणिज्य महाविद्यालय को पहली बार कला संकाय की प्राध्यापक प्राचार्य बनी हैं। पटना साइंस कालेज में साइंस और वाणिज्य महाविद्यालय में कामर्स संकाय के विषयों की पढ़ाई होती है।
पटना साइंस कालेज की स्थापना 1927 में हुई थी। यहां पहली बार कला संकाय के प्राचार्य बनने के साथ प्रो. अलका पहली महिला प्राचार्य भी होंगी। वहीं, वाणिज्य महाविद्यालय में प्रो. सुहेली मेहता पहली महिला प्राचार्य बनी हैं। प्रो. सुहेली मेहता और प्रो. अलका गृह विज्ञान विषय की प्राध्यापिका हैं।
पटना साइंस कालेज, वाणिज्य महाविद्यालय, मगध महिला कालेज और पटना कालेज के लिए प्राचार्य की नियुक्ति के लिए बुधवार को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में लाटरी निकाली गई। इसमें कला संकाय के विषयों की पढ़ाई के लिए प्रख्यात पटना कालेज में रसायन शास्त्र के प्राध्यापक प्रो. अनिल कुमार के नाम लाटरी निकली। बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा जारी प्राचार्यों की मेधा सूची में पहला स्थान प्राप्त करने वाली मगध महिला कालेज, पटना की प्राध्यापिका प्रो. सुहेली मेहता को लाटरी में वाणिज्य महाविद्यालय मिला।
वहीं, मेधा सूची में दूसरे स्थान पर रहीं वैशाली महिला कालेज, हाजीपुर की प्राचार्य प्रो. अलका के नाम पटना साइंस कालेज रहा। चारों कालेजाें में नवनियुक्त प्राचार्य में सिर्फ प्रो. सुहेली का ही पटना विश्वविद्यालय में कार्य का अनुभव है। वहीं, पटना कालेज में नवनियुक्त प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार का नाम बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग से पटना विश्वविद्यालय को भेजी गई रसायनशास्त्र के सहायक प्राध्यापकों की सूची में भी है।
प्रो. एनपी वर्मा दूसरे पुरुष प्राचार्य होंगे
मगध महिला कालेज में कला, विज्ञान व वाणिज्य तीनों संकाय के विषयों की पढ़ाई होती है। प्राचार्य की लाटरी में यह कालेज जेपी विश्वविद्यालय, छपरा के इतिहास विषय के प्राध्यापक प्रो. एनपी वर्मा के नाम रहा। इस कालेज में प्रो. एनपी वर्मा दूसरे पुरुष प्राचार्य होंगे। इनसे पहले 2009 में एक सप्ताह के लिए प्रो. उमेश मिश्रा प्राचार्य बने थे। उनसे म्यूचुअल के बाद प्रो. डाॅली सिन्हा यहां की प्राचार्य बनीं थीं। मगध महिला कालेज की स्थापना आजादी से एक वर्ष पहले 1946 में हुई थी। यहां 25 वर्षों तक डा. रामोला नंदी प्राचार्य रही थीं।
सभी विश्वविद्यालयों में निकाली जाएगी लाटरी
लाटरी से प्राचार्य की नियुक्ति को लेकर प्रो. सुहेली मेहता व अन्य ने हाईकोर्ट में अपील दायर किया था। कोर्ट ने इसपर रोक लागते हुए राजभवन से जवाब मांगा था। अगली तिथि को सुनवाई से पहले ही आवेदकों ने अपील वापस ले लिया। जिसके बाद प्रक्रिया प्रारंभ हुई। राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में प्राचार्य की नियुक्ति के लिए लाटरी निकाली जाएगी। इसके माध्यम से राज्य के 116 अंगीभूत कालेजों में प्राचार्य की नियुक्ति होनी है।
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