राज्य ब्यूरो, पटना। चालू वित्त वर्ष में बिहार राज्य पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) ने फरवरी तक 9220 करोड़ रुपये राजस्व की रिकार्ड वसूली की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा दिए गए निर्देशों पर अमल करते हुए राज्य में बिजली की चोरी और दुरुपयोग रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। साथ ही पुराने बकायेदारों (डिफाल्टर उपभोक्ताओं) के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। इससे राजस्व वसूली में तेजी से इजाफा हुआ है। पिछले वित्तीय वर्ष के फरवरी तक की तुलना इस वर्ष की समान अवधि में राजस्व वसूली में 27 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। 

बिजली चोरी रोकने में मिली मदद 

दरअसल ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) द्वारा दिए गए निर्देश पर अफसरों ने बखूबी अमल किया है। राज्य में बिजली चोरी रोकने और बकायेदारों से सख्ती से वसूली करने से बिजली कंपनियों को तेजी से राजस्व वसूली में कामयाबी मिली है। चालू वित्तीय वर्ष में बिजली चोरी करने तथा अवैध रूप से उपयोग करने वाले 25 हजार से ज्यादा  उपभोक्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गई। उत्तर बिहार बिजली वितरण कंपनी ने 4361 करोड़ रुपये और दक्षिण बिहार बिजली वितरण कंपनी ने 4859 करोड़ रुपये की वसूली की है। राजस्व में 1950 करोड़ की तात्कालिक वृद्धि पिछले पांच वित्तीय वर्षों में सर्वाधिक है।

मंत्री बोले-घर-घर जाकर मीटर की जांच कर रहे बिजली कर्मी

ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि विद्युतकर्मी घर-घर जाकर मीटर की जांच कर रहे हैं। मीटर से छेड़छाड़ करने वालों और सभी तरह के बकायदारों पर कार्रवाई की जा रही है। विशेष प्रयासों के कारण इस वर्ष  राजस्व वसूली का नया रिकार्ड बनेगा। बीएसपीएचसीएल के अध्यक्षएवं प्रबंध निदेशक संजीव हंस ने बताया कि बकायेदारों के खिलाफ कड़ाई के अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इससे ा राजस्व संग्रह भी बढ़ा है। हमारे कर्मी चालू वित्तीय वर्ष में जगह-जगह शिविर लगा कर राजस्व संग्रह का काम कर रहे हैं। बिजली की चोरी करने वाले किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

Edited By: Vyas Chandra